

हुगली : पश्चिम बंगाल में आलू किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को हुगली जिले के पुरशुड़ा में कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती से लेकर आलू के परिवहन और बिक्री तक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में आलू से लदे वाहनों को सीमाओं पर रोका जाता था और पुलिस के जरिए किसानों को परेशान किया जाता था।
उन्होंने खाद की कालाबाजारी और किसानों को उचित कीमत नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। शुभेंदु अधिकारी ने आश्वासन दिया कि अब आलू से लदे किसी भी वाहन को सीमा पर नहीं रोका जाएगा। इसके साथ ही सरकार आलू के परिवहन पर प्रति क्विंटल 50 रुपये की सब्सिडी देगी। यह सुविधा सड़क और रेल, दोनों माध्यमों से आलू ले जाने पर लागू होगी।
कोल्ड स्टोरेज, स्मार्ट मंडी और बीमा को लेकर कई अहम फैसले
मुख्यमंत्री ने आलू किसानों और कृषि बाजार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की।
परिवहन सब्सिडी: आलू को सड़क या रेल मार्ग से भेजने पर सरकार प्रति क्विंटल 50 रुपये की आर्थिक सहायता देगी।
कोल्ड स्टोरेज को राहत: कृषि उत्पाद विपणन नियंत्रण कानून के तहत प्रत्येक कोल्ड स्टोरेज को मार्केटियर के रूप में घोषित किया जाएगा। इससे कोल्ड स्टोरेज के बीच बेहतर समन्वय और सरकारी सहायता के साथ बिक्री की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
सौर मिनी कोल्ड रूम: 200 मार्केटियर में 5 और 10 मीट्रिक टन क्षमता वाले सोलर मिनी कोल्ड रूम स्थापित किए जाएंगे।
स्मार्ट मंडी: राज्य में 50 मॉडल मंडियों का विकास किया जाएगा। प्रत्येक मंडी के लिए 3 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
सुफल बांग्ला का विस्तार: योजना के तहत 550 नए पोर्टेबल स्टैटिक आउटलेट शुरू किए जाएंगे। यहां उचित कीमत पर आलू खरीदने की व्यवस्था भी की जाएगी।
फसल बीमा: आलू की खेती को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों को बीमा प्रीमियम नहीं देना होगा और इसका भुगतान सरकार करेगी।
4.75 लाख क्विंटल आलू की खरीद, कीमत गिरने पर सरकार करेगी भरपाई
मुख्यमंत्री ने आलू की खरीद और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी विवरण दिया। उन्होंने बताया कि 49 कोल्ड स्टोरेज से कुल 4.75 लाख क्विंटल आलू 950 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदे गए हैं। इसके अलावा 567 कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यदि बाजार में आलू की कीमत 1,120 रुपये प्रति क्विंटल के फ्री बॉन्ड मूल्य से नीचे चली जाती है, तो सरकार सब्सिडी देकर कीमत के अंतर की भरपाई करेगी। इसका उद्देश्य बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना है।
कुल मिलाकर, पुरशुड़ा की सभा से मुख्यमंत्री ने आलू किसानों को राहत देने के लिए परिवहन, भंडारण, बाजार व्यवस्था, बीमा और न्यूनतम मूल्य सुरक्षा से जुड़े कई कदमों की घोषणा की। अब इन घोषणाओं को जमीन पर लागू करने और किसानों तक वास्तविक लाभ पहुंचाने पर सबकी नजर रहेगी।