

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की मौत के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों से शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के कई हिस्सों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ, क्योंकि आक्रोशित स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को घंटों तक अवरुद्ध रखा। पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मृतक के घर जाकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की, जिससे प्रदर्शन को राजनीतिक रंग मिल गया। अधीर चौधरी ने कहा कि ये प्रवासी मजदूर अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। वे अपराधी नहीं हैं। उनसे अपनी पहचान साबित करने के लिए क्यों कहा जा रहा है और उन्हें राज्य के बाहर बांग्लादेशी क्यों करार दिया जा रहा है?
क्या कहा शुभेंदु ने : विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि स्थिति को नियंत्रित करने में राज्य पुलिस विफल रही। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “एनएच-12 घंटें बंद और ट्रेनें रुकी रही तथा गुंडों ने उत्पात मचाया फिर भी, पुलिस ने कुछ नहीं किया।” मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि प्रवासी मजदूर की मौत की गहन जांच की जा रही है और परिवार को न्याय मिलेगा। पुलिस ने बताया कि शाम तक शांति बहाल हो गई थी और एहतियात के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।