मालदह : पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जून महीने से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा के बाद मालदह जिले की महिलाओं में खुशी का माहौल है। हालांकि इस फैसले के साथ ही जिले के कई इलाकों में लंबे समय से बंद पड़ी सरकारी बस सेवाओं को दोबारा शुरू करने की मांग भी तेज हो गई है। महिलाओं का कहना है कि जब तक ग्रामीण और पॉकेट रूटों पर सरकारी बसें नहीं चलेंगी, तब तक वे इस योजना का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगी। जिले के हबीबपुर, बामनगोला और मालदह ब्लॉक के कई हिस्सों में वर्षों से सरकारी बस सेवा बंद है। मालदह से नालागोला, पकुआ, बुलबुलचंडी, तिलासन, निमबाड़ी, कलाईबाड़ी, सेरामपुर, पार्वतीडांगा, महादीपुर, उत्तर लक्ष्मीपुर, बंगीटोला और ऋषिपुर जैसे कई रूटों पर कभी नियमित सरकारी बसें चला करती थीं। लेकिन धीरे-धीरे सेवाएं बंद हो जाने के कारण अब आम लोगों, विशेषकर महिलाओं को निजी बसों और अन्य वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।स्थानीय महिलाओं का कहना है कि काम, इलाज, पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें हर दिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सरकारी बसें बंद होने के कारण उन्हें निजी वाहनों में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ता है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा के बाद उनकी मांग है कि पहले बंद पड़े सरकारी रूटों को फिर से चालू किया जाए। इलाके के लोगों ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर सरकारी बस सेवाएं बहाल होती हैं तो महिलाओं को राहत मिलने के साथ-साथ आम यात्रियों की समस्याएं भी काफी हद तक कम हो जाएंगी।
सरकारी बसों की कमी से मालदह में यात्री सेवाएं प्रभावित
नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NBSTC) के मालदह डिपो सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2011-12 के बाद जिले में सरकारी बस सेवाएं धीरे-धीरे कम होती चली गईं। उस समय मालदह डिपो में 53 बसें थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 30 रह गई है। वर्तमान में डिपो में कुल 137 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें केवल 11 स्थायी कर्मचारी हैं। बसों और कर्मचारियों की कमी के कारण कई लोकल पॉकेट रूटों के साथ-साथ लंबी दूरी की सेवाएं भी बंद करनी पड़ी हैं। मालदह से बशीरहाट, बनगांव, पुरुलिया, मुकुटमणिपुर, बांकुरा, चुंचुड़ा और दुर्गापुर जाने वाली कई लंबी दूरी की सरकारी बस सेवाएं भी फिलहाल बंद हैं। महिलाओं और स्थानीय लोगों की मांग है कि इन सभी रूटों पर जल्द से जल्द बस सेवाएं बहाल की जाएं, ताकि सरकार की मुफ्त यात्रा योजना का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सके।
यह कहना है विधायक का
इस मुद्दे पर हबीबपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक जोयेल मुर्मू ने कहा कि तृणमूल सरकार के समय कई सरकारी बस रूट बंद कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि नई सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा जैसी जनहितकारी योजना लेकर आई है, इसलिए अब बंद पड़े रूटों पर भी जल्द सरकारी बस सेवा शुरू की जानी चाहिए।
बसों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ने पर रूटों को बहाल किया जा सकता है
वहीं, NBSTC के मालदह डिपो इंचार्ज मलय कर्मकार ने कहा कि बसों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ने पर सभी रूटों पर सेवाएं बहाल की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बसों और स्टाफ की कमी के कारण कई पॉकेट रूटों पर सेवाएं बंद रखनी पड़ी हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले ही जानकारी दे दी गई है और सरकार के निर्देश के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।