एआईएमआरए ने मनाया मोबाइल कॉल के 3 दशक पूरे होने का जश्न

एआईएमआरए ने मनाया मोबाइल कॉल के 3 दशक पूरे होने का जश्न
Published on: 

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआईएमआरए) ने भारत में ऐतिहासिक पहली मोबाइल कॉल के 3 दशक यानी 30 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य और रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया। सबसे पहले 31 जुलाई 1995 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने मोदी टेल्स्ट्रा के नेटवर्क पर नोकिया हैंडसेट का उपयोग करके तत्कालीन दूरसंचार मंत्री सुखराम को पहली मोबाइल कॉल की थी। यह एक ऐसा निर्णायक क्षण था जिसने न केवल भारत में संचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी, बल्कि देश में निरंतर डिजिटल विकास की आधारशिला भी रखी।

30 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट जारी

भारत में मोबाइल टेलीफोनिक सेवा के 30 साल पूरे होने के पल को और भी यादगार बनाने के लिए एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया जिसमें पश्चिम बंगाल सर्कल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल अशोक कुमार, एआईएमआरए के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष कैलाश लख्यानी, एआईएमआरए के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नवनीत पाठक, राज्य अध्यक्ष मोहन बाजोरिया, राज्य महासचिव मृदुल विश्वास सहित कई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति इसमें शामिल हुए।

बंगाल मतलब व्यापार पर डाला गया प्रकाश

इस अवसर पर लोकल फॉर वोकल की भावना के अनुरूप बंगाल के आदर्श वाक्य "बंगाल मतलब व्यापार" से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इस मौके पर कैलाश लख्यानी ने कहा कि भारत में मोबाइल टेलीफोनिक सेवा के 30 साल पूरे होने को लेकर आयोजित जश्न का हर एक पल सिर्फ तकनीकी प्रगति का सम्मान नहीं है, बल्कि यह देश भर के लाखों मोबाइल रिटेलरों की अटूट भावना, जुड़ाव और योगदान का सम्मान है। मोहन बाजोरिया ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर पूरे एआईएमआरए परिवार के हर सदस्य के लिए बेहद गर्व का क्षण है। पिछले तीन दशकों में मोबाइल रिटेलर्स ने भारत को एक डिजिटल रूप से जुड़े राष्ट्र में बदलने में एक आधारभूत भूमिका निभायी है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in