

सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य के उत्तरी भाग में एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में चाय बागान श्रमिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार के लिए कदम उठाने के आदेश भी दिए।पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में उत्तर बंगाल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) की स्थापना का वादा किया गया था। उत्तर बंगाल में मुख्यमंत्री अधिकारी की पहली प्रशासनिक बैठक के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने लोगों को आश्वासन दिया कि उत्तर बंगाल में उपयुक्त स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए एम्स स्थापित किया जाएगा।
बिस्ता ने कहा ‘‘एम्स के अलावा, उत्तर बंगाल में आईआईटी, आईआईएम और एक कैंसर अस्पताल भी स्थापित किए जाएंगे।’’ यह संस्थान क्षेत्र के विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे।भाजपा सांसद ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अधिकारियों द्वारा बिना किसी देरी के जारी किए जाएं।’’ बिस्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश और नेपाल से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए विशेष पहल करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के उत्तरी जिलों में स्थित चाय बागानों में पांच लाख से अधिक प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत लोग और 20 लाख अप्रत्यक्ष लाभार्थी हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने चाय बागान श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने पर जोर दिया है।
बिस्ता ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने चाय बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों को असम के चाय बागान श्रमिक कल्याण मॉडल का अध्ययन करने और राज्य में इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों के बारे में सुझाव देने को कहा है।’’ भाजपा सांसद ने कहा कि भविष्य में चाय बागानों में नया श्रम कानून लागू किया जाएगा और असम की तर्ज पर श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने केंद्र की चाय श्रमिक योजना को लागू करने का आदेश दिया है, जिसे पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पिछले तीन वर्षों से रोक रखा था।’’ उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बंगाल के चाय बागान श्रमिकों को 350 करोड़ रुपये के लाभ मिल सकेंगे। भाजपा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बागानों के अंदर रहने वाले श्रमिकों को आश्वासन दिया है कि उन्हें भूमि अधिकार दिए जाएंगे और पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाएं लागू रहेंगी। बिस्ता ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि 'विकसित भारत जी राम जी' योजना, जिसके तहत 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है, जून से पश्चिम बंगाल में लागू की जाएगी। यह मनरेगा का स्थान लेगी।’’