

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अतीत में, जब भारत समृद्ध था, तब उसके तीन मजबूत स्तंभ थे - अंग, बंग और कलिंग - जो आज के बिहार, बंगाल और ओडिशा हैं। जब ये तीनों स्तंभ कमजोर हुए, तो इससे भारत की शक्ति को गहरा आघात पहुंचा। पूर्वी भारत के उदय के बिना राष्ट्र का उत्थान अधूरा है। पड़ोसी राज्यों में भाजपा की जीत का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि ओडिशा और बिहार के बाद इस बार पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने अपने मूल नारे ‘‘मां, माटी, मानुष’’ की अवहेलना की और राज्य के विकास के लिए उसके पास कोई दूरदृष्टि नहीं है। मोदी ने कहा कि एक तरफ मिलें बंद हो रही हैं तो दूसरी तरफ कच्चे बम बनाने के कारखाने खुल रहे हैं, जिनमें गुंडों को काम पर रखा जा रहा है और तृणमूल का गिरोह फैल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल की एकमात्र रणनीति गाली-गलौज करना, धमकियां देना और झूठी बातें फैलाना प्रतीत होती है। उन्होंने मुझे, संवैधानिक संस्थाओं और यहां तक कि सशस्त्र बलों को भी अपने अपमानजनक बयानों से निशाना बनाया है। 'जनता ही मेरा परिवार है और उनके बीच रहकर सुकून मिलता है'
उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि रैलियों और रोड शो के दौरान लोगों द्वारा दिये गये संदेश, पत्र और चित्र उनके लिए बेहद खास हैं। वह रात में समय निकालकर इन भावनाओं को समझते हैं और लोगों के संदेशों को पढ़ते हैं। अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह पिछले कई दशकों से देशभर में लगातार काम कर रहे हैं और पार्टी द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को निभाते आए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ही उनका परिवार है और उनके बीच रहकर उन्हें सुकून मिलता है।
यह रोड शो मेरे लिए 'तीर्थ यात्रा' रहा है
पीएम मोदी ने अपने चुनावी रोड शो और रैलियों को 'तीर्थ यात्रा' जैसा अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लगातार कार्यक्रमों के बावजूद उन्हें थकान महसूस नहीं हुई, क्योंकि लोगों का उत्साह उन्हें लगातार ऊर्जा देता रहा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी दूर-दूर तक लोगों की भीड़ लगी रहती थी, जिसे देखकर वह फिर से पूरे जोश के साथ उनके बीच पहुंच जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि मां काली के भक्तों के बीच जाने से उन्हें विशेष ऊर्जा मिलती रही।