प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

कारखाने का गेट बंद किया
प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
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रानीगंज : रानीगंज के मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को बक्तानगर गांव के निवासियों का धैर्य जवाब दे गया। 'बक्तारनगर ग्राम बचाओ कमेटी' के बैनर तले ग्रामीणों ने एक निजी कारखाने के समक्ष न केवल जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, बल्कि कारखाने के मुख्य गेट को बंद कर दिया। ग्रामीणों ने 'धुआं हटाओ, ग्राम बचाओ' के नारों के साथ स्पष्ट किया कि जब तक प्रदूषण पर लगाम नहीं लगता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि कारखाना प्रबंधन की तरफ से इस मामले को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कमेटी के वरिष्ठ सदस्य जयदेव खां ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि केवल दिसंबर महीने में ही बक्तानगर गांव में लगभग 12 से 13 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, गांव के कई लोग सांस और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मौतों और बीमारियों का मुख्य कारण कारखाने से निकलने वाला अत्यधिक जहरीला धुआं और राख है। जयदेव खां ने बताया कि कारखाना प्रबंधन को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था, लेकिन दो-तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। प्रदूषण की मात्रा इतनी बढ़ गई है कि गांव में सांस लेना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अब अपनी जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे और जब तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, कारखाना बंद रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन के कारण औद्योगिक क्षेत्र में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।

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