

मुर्शिदाबाद : 1998 के मर्डर केस में कांदी अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया है। सोमवार को कांदी सेकंड ट्रैक फास्ट कोर्ट की जज वीना शर्मा ने 16 लोगों को उम्रकैद और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक साल और जेल की सजा का ऐलान किया। केस के कागजात और आरोपों के मुताबिक, 1998 में भरतपुर थाने के मुंशीपुर गांव में दो दोस्त कलीमुद्दीन खान और अशरुद्दीन शेख धान बेचकर घर लौट रहे थे। उस समय इलाके में तृणमूल का जुलूस निकल रहा था। आरोप है कि जुलूस में गिरने के बाद हंगामा हो गया। इसके बाद दोनों दोस्तों की बुरी तरह पिटाई की गई। इस घटना में कलीमुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। अशरुद्दीन को कांदी अनुमंडल असपताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद कुल 26 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। वहीं केस चलने के दौरान चार लोगों की मौत हो गई। छह अन्य को कोर्ट ने बरी कर दिया। कांदी अनुमंडल जिला कोर्ट ने अब ट्रायल के बाद बाकी 16 लोगों के खिलाफ सजा का ऐलान कर दिया है। 29 साल के लंबे इंतजार के बाद, मृत कलीमुद्दीन खान और अशरुद्दीन शेख के परिवार वालों ने कोर्ट के फैसले पर राहत जताई है। पता चला है कि उन्होंने लंबे समय से चल रहे केस के खत्म होने और कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। 1998 की इस घटना को लगभग तीन दशक बीत चुके हैं। लंबे इंतजार के बाद, आखिरकार कोर्ट का फैसला आने से मुंशीपुर गांव में पुरानी घटना फिर से चर्चा में आ गई है।