

सन्मार्ग संवाददाता
बर्नपुर : सेल आईएसपी में कार्यरत विभिन्न ट्रेड यूनियनों की सदस्यता का गुप्त मतदान के माध्यम से सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बता दें कि इसे लेकर उपमुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), आसनसोल की ओर से एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार गुप्त मतदान से संबंधित महत्वपूर्ण तारीखों को तय करने के लिए प्रबंधन और सभी संबंधित ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक 27 अगस्त 2026 को दोपहर 2:30 बजे उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कन्यापुर, आसनसोल स्थित कार्यालय में होगी। नोटिस में प्रत्येक ट्रेड यूनियन से अधिकतम दो प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया है, इनमें अध्यक्ष और महासचिव को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। बैठक में चुनाव की तारीख, मतदाता सूची की कट-ऑफ डेट, नामांकन दाखिल करने की तिथि, चुनाव चिह्न आवंटन सहित अन्य चुनावी कार्यक्रमों पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई यूनियन बैठक में शामिल नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि वह आगामी गुप्त मतदान चुनाव में भाग लेने की इच्छुक नहीं है। वहीं आईएसपी प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि नोटिस की प्रति सभी संबंधित ट्रेड यूनियनों को उपलब्ध कराई जाए और इसकी पावती उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय में जमा की जाए। इस प्रक्रिया के जरिए प्लांट में कार्यरत ट्रेड यूनियनों की वास्तविक सदस्यता का सत्यापन गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाना है।
बीएमएस और इंटक ने रखा अपना मत
बीएमएस यूनियन का कहना है कि सभी बाधाओं और लंबे कानूनी संघर्ष को पार करते हुए, आखिरकार आईएसपी प्लांट में लोकतंत्र की जीत हुई है। आगामी 27 अगस्त को चुनाव प्रक्रिया की समय-सारणी तय करने के लिए संयुक्त बैठक बुलाई गई है। बीएमएस बर्नपुर की ओर से हमेशा सत्य, न्याय और कर्मचारियों की एकता पर विश्वास किया है। यह सफलता केवल BMS की नहीं, बल्कि आईएसपी के उन सभी कर्मचारियों की सफलता है, जो ईमानदारी से लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव चाहते थे। वहीं इंटक यूनियन का कहना है कि 27 अगस्त को चुनाव प्रक्रिया के लिए जो बैठक बुलाई गई है, उसका वे लोग स्वागत करते हैं एवं बैठक पर जो भी निर्णय लिया जायेगा, उसे इंटक दिल से स्वागत करता है। आगे कहा कि इस बार जो चुनाव होगा, इसमें काफी वर्षों के बाद आईएसपी कर्मचारी को अपना मत रखने एवं सोच-विचार कर वोट देकर अपना पसंदीदा एवं कर्मचारियों के साथ खड़े रहने वाला यूनियन को लाने का अधिकार मिलेगा।