गैंगरेप मामले में दो अभियुक्तों ने सरकारी गवाह होने से किया इंकार

अदालत में 19 नवंबर को होगी अगली सुनवाई, चार्ज फ्रेम गठन
gang rape
अभियुक्तों को अदालत ले जाती पुलिस
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दुर्गापुर : दुर्गापुर अनुमंडल अदालत में गैंगरेप मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। अदालत के आदेश पर सोमवार को अभियुक्तों को पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्तों को जेल भेज दिया। अनुमंडल अदालत में 19 नवंबर को अगली सुनवाई होगी। दुर्गापुर गैंगरेप में 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना एक निजी मेडिकल कॉलेज के बाहर 10 अक्टूबर की रात हुई थी। दुर्गापुर अनुमंडल के अतिरिक्त जिला अदालत स्पेशल में अभियुक्तों को पेश किया गया। इस दौरान सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। सरकारी वकील विभाष चटर्जी ने कहा कि पुलिस द्वारा चार्जशीट जमा करने के बाद अदालत में चार्ज फ्रेम का गठन किया गया है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से तथ्य रखे गए। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से अभियुक्तों को निर्दोष साबित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने अभियुक्तों की जमानत को नामंजूर कर दिया। वहीं पीड़ित छात्रा के सहपाठी वासिफ अली की जमानत भी रद्द कर दी गई है। अदालत में 19 नवंबर से कस्टडी ट्रायल शुरू किया जाएगा। इस मामले में गवाह बनाए गए लोगों की सूची मंगलवार को अदालत को दी जाएगी। वहीं बचाव पक्ष के वकील सोमन मित्रा ने कहा कि गैंगरेप का झूठा मामला सजाकर अभियुक्तों को फंसाया जा रहा है। इससे पहले बचाव पक्ष की ओर से दो अभियुक्तों की रिहाई के लिए आवेदन को रद्द किया गया है। अभियुक्त शफीक शेख और शेख रियाजउद्दीन ने सरकारी गवाह बनने से इनकार कर दिया है। इस दौरान दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्तों को जेल भेजने का निर्देश दिया। इस मामले में छात्रा के सहपाठी वासिफ अली समेत कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

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