पगड़ी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि सम्मान, संस्कृति, शौर्य एवं परंपरा का प्रतीक है : पवन कुमार सिंह

बर्नपुर डेली मार्केट अखाड़ा कमेटी ने बताया पगड़ी का महत्व
मौके पर मौजूद पवन कुमार सिंह, जगदीश सिंह, अजय सिंह, संजीत प्रसाद एवं अन्य
मौके पर मौजूद पवन कुमार सिंह, जगदीश सिंह, अजय सिंह, संजीत प्रसाद एवं अन्य
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सूरज, सन्मार्ग संवाददाता

बर्नपुर : विजयादशमी के पावन पर्व पर निकलने वाले ऐतिहासिक और पारंपरिक अखाड़ा को लेकर बर्नपुर डेली मार्केट अखाड़ा कमेटी ने भव्य पगड़ी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान अखाड़ा कमेटी के सदस्यों, ढाक-ढोल वादकों और अखाड़ा में शामिल होने वाले युवा पहलवानों के बीच आकर्षक पगड़ी का वितरण किया। पगड़ी पाते ही युवाओं में विजयादशमी अखाड़ा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर कमेटी के चीफ पेट्रोन पवन कुमार सिंह ने पगड़ी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पगड़ी केवल एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह हमारे सम्मान, संस्कृति, शौर्य और परंपरा का प्रतीक है। प्राचीन काल से ही पगड़ी को वीरता और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता रहा है। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश सिंह उर्फ कल्लू भाई ने कहा कि विजयादशमी का अखाड़ा सिर्फ शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अधर्म पर धर्म की जीत, हमारी एकता और सनातन सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। एक समान पगड़ी पहनकर जब सैकड़ों युवा एक साथ अखाड़ा में कदम से कदम मिलाते हैं, तो इससे अनुशासन, भाईचारा और गौरव की भावना और भी प्रबल होती है। इस मौके पर बर्नपुर डेली मार्केट अखाड़ा कमेटी के अध्यक्ष अयोध्या गुप्ता, सचिव राहुल साव , अजय सिंह, संजीत प्रसाद सहित सभी सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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