एमवीआई के खिलाफ वसूली को लेकर ट्रक ड्राइवरों ने किया सड़क जाम

बीच सड़क पर लॉरी लगाकर विरोध जताते ट्रक ड्राइवर
बीच सड़क पर लॉरी लगाकर विरोध जताते ट्रक ड्राइवर
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कुल्टी : कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 19 पर एमवीआई विभाग के अधिकारियों पर अवैध रूप से वसूली करने के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों ने सड़क जाम किया। जानकारी के मुताबिक हल्दिया से कोयले से लदा एक ट्रक नेपाल जा रहा था। उसे ओवरलोडिंग का आरोप लगाकर ट्रक को रोक दिया गया। इसके बाद ट्रक ड्राइवर ने एनएच 19 पर ट्रक खड़ा कर सड़क जाम कर दिया। उसके समर्थन में अन्य कई ट्रक ड्राइवरों ने सड़क जाम कर दिया जिस कारण लगभग आधे घंटे तक सड़क जाम रहा। इसकी सूचना मिलते ही काफी संख्या में चौरंगी पुलिस के अधिकारी एवं जवान घटना स्थल पर पहुंचे। इस घटना के सबंध में ट्रक ड्राइवर अमर सिंह ने बताया कि हल्दिया से 55 टन कोयला से लदा ट्रक लेकर नेपाल जा रहा था। इसी क्रम में एमवीआई के आरटीओ ने उसे ओवरलोड बताकर गाड़ी रोक दिया। उसने बताया कि आरटीओ अधिकारी ने ट्रक का कागजात जब्त कर लिया। मौके पर जुटे ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि एनएच 19 पर चौरंगी मोड़ समीप स्थित एमवीआई पर वाहनों का नंबर रजिस्टर कर पैसा वसूल किया जाता है। ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि डीबुडीह चेकपोस्ट से लेकर चौरंगी तक एमवीआई के दलालों का जाल फैला हुआ है। यदि आपके वाहन का नंबर रजिस्टर नहीं हुआ है तो उस वाहन को रोक कर जुर्माना लगाया जाता है। एमवीआई के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक ड्राइवर के पास वैध कागजात नहीं थे जिस कारण इसे रोका गया। लगभग आधा घंटा बाद सड़क जाम हटाकर परिवहन सेवा बहाल की गयी। इसके बाद एमवीआई की शिकायत पर चौरंगी पुलिस ने ट्रक ड्राइवर अमर सिंह को हिरासत में लिया। ज्ञातव्य हो कि एनएच 19 पर स्थित एमवीआई विभाग के अधिकारियों का आतंक फैला हुआ है। इधर ट्रक चालकों का आरोप है कि कोलकाता की ओर से झारखंड एवं विभिन्न राज्यों की ओर जाने वाले एवं विभिन्न राज्यों से बंगाल में प्रवेश करने वाले मालवाहक वाहनों को एमवीआई के दलालों की ओर से रोक कर डंडा टैक्स एवं अन्य टैक्स के नाम पर अवैध रूप से वसूली की जाती है। ड्राइवरों का आरोप है कि दलालों की ओर से उनसे पैसा लेकर उस वाहनों का नम्बर नोट कर लिया जाता है। वहीं जिस वाहन का नम्बर नोट कर लिया गया, उसे एमवीआई कार्यालय के समक्ष नहीं रोका जाता है, लेकिन जिन ट्रक ड्राइवरों ने दलालों को पैसा नहीं दिया, उसे रोककर जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि आरटीओ ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया।

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