अविश्वास प्रस्ताव में संख्या बल कमजोर होने से प्रधान को हटाना नहीं हुआ संभव

तृणमूल के एक सदस्य का कांग्रेस का साथ देने से पलटा पलड़ा
बेबी हाल्दार का फाइल फोटो
बेबी हाल्दार का फाइल फोटो
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मुर्शिदाबाद : लालगोला के बहादुरपुर पंचायत के प्रधान पद पर कांग्रेस की बेबी हलदर ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। बुधवार को हुए विश्वास मत में विरोधी गुट का अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों के नहीं आने से प्रधान को हटाने की कोशिशें नाकाम हो गईं। उल्लेखनीय है कि लालगोला ब्लॉक के बहादुरपुर पंचायत में कुल 24 सदस्य हैं। पिछले पंचायत चुनाव में तृणमूल ने 9, भाजपा ने 7, कांग्रेस ने 5, सीपीएम ने 2 और निर्दलीय ने 1 सीट जीती थीं। कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन ने भाजपा के समर्थन से बोर्ड बनाया था। कांग्रेस की बेबी हलदर प्रधान बनी थी। वहीं कई रोज पहले भाजपा ने तृणमूल के 6 सदस्यों के समर्थन से प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। उसी प्रस्ताव के आधार पर बुधवार को बैठक बुलाई गई थी। बाद में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में रहे तृणमूल के एक सदस्य ने कांग्रेस का साथ दे दिया। नतीजतन, अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में रहे सदस्य संख्या बल न जुटा पाने के कारण नहीं आए। नतीजतन, वोटिंग नहीं होने के कारण बेबी हलदर प्रधान के पद पर बनी रहीं। बेबी हलदर ने कहा, मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला कोई भी आज नहीं आया। नतीजतन, मैं अपने पद पर बनी हुई हूं। हमने अब तक पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम किया है। हम भविष्य में भी सभी के साथ मिलकर काम करेंगे। कांग्रेस के लालगोला ब्लॉक अध्यक्ष यदुराम घोष ने कहा कि भाजपा तृणमूल के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाई थी। लेकिन वह आज प्रस्ताव पास करने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं जुटा पाई। भाजपा नेता अमर कुमार दास ने कहा कि प्रधान को इसलिए नहीं हटाया जा सका कारण अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में रहे तृणमूल के एक सदस्य आखिरी समय में पीछे हट गए।

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