

जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता
सांकतोड़िया : पश्चिम बंगाल में सामुदायिक विकास और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने बड़ा कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग की ओर से आयोजित सीएसआर राउंडटेबल 2026 के दौरान ईसीएल ने पश्चिम बर्दवान जिले में तीन महत्वपूर्ण सीएसआर परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। ईसीएल की ओर से निदेशक (कार्मिक) गुंजन कुमार सिन्हा ने संबंधित परियोजनाओं के लेटर ऑफ इंटेंट प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की थीम बिल्डिंग ए विकसित बंगाल फॉर कलेक्टिव सोशल इंपैक्ट रही। इसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्र व राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र की संस्थाओं तथा विभिन्न कंपनियों के सीएसआर प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
टीबी मरीजों को मिलेगा पोषण सहयोग
ईसीएल की तीन प्रस्तावित परियोजनाओं में स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और जल संरक्षण को प्रमुखता दी गई है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्रा पहल के माध्यम से पश्चिम बर्दवान जिले के टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान मरीजों के पोषण स्तर को बेहतर करने के साथ उनके स्वास्थ्य लाभ में सहयोग देना है। पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम ने जिले में टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की।
आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प
दूसरी परियोजना के तहत ईसीएल के खनन क्षेत्रों के आसपास स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके जरिये बच्चों के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण तैयार करने तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। तीसरी परियोजना के तहत ईसीएल के एक परिचालन क्षेत्र में जल निकाय के पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा। जल संरक्षण और स्थानीय स्तर पर जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ईसीएल ने कहा कि उनकी ये सीएसआर परियोजनाएं स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं और अपने परिचालन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।