

बर्नपुर : भारत के इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सेल आईएसपी (SAIL-ISP) बर्नपुर का दौरा कर संयंत्र की उत्पादन क्षमता, आधुनिकीकरण परियोजनाओं तथा भावी विस्तार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर सेल के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पांडा भी उनके साथ उपस्थित थे। बता दें कि डीआईसी कार्यालय परिसर में सीआईएसएफ (CISF) द्वारा उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया गया। बर्नपुर हाउस में सुरक्षा संबंधी संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने संयंत्र की विस्तार परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कोक ओवन बैटरी-12 के निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन किया तथा ब्लास्ट फर्नेस, बार मिल एवं कोक ओवन बैटरी-10 के लिए निर्मित नए जलाशय का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति की जानकारी ली। इस दौरे के दौरान निदेशक प्रभारी सुरजित मिश्रा, सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पांडा, कार्यपालक निदेशकगण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ट्रेड यूनियनों ने इस्पात मंत्री को सौंपा ज्ञापन
इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी के आईएसपी दौरे के दौरान संयंत्र की चारों कार्यरत ट्रेड यूनियनों (INTUC, CITU, AITUC एवं HMS) के प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान हेतु एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ठेका श्रमिकों को केंद्र सरकार के वेतनमान के अनुरूप मजदूरी एवं सभी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने, कर्मचारियों के 39 माह के लंबित एरियर का तत्काल भुगतान करने, 40% ठेका श्रमिकों की छंटनी के फैसले पर पुनर्विचार करने तथा एचआरए (HRA) सहित सभी लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग की गई। इस मौके पर बर्नपुर के आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के अध्यक्ष हरजीत सिंह, महासचिव बिप्लव माझी, सीटू के महासचिव सौरेन चटर्जी, प्रतीक गुप्ता, एटक के महासचिव उत्पल सिन्हा, प्रदीप साहू, एचएमएस के महासचिव मुमताज अहमद और शशांक खजूर सहित अन्य लोग मौजूद थे।
भाजपा नेता ने मंत्री से मुलाकात कर बताईं समस्याएं
भाजपा राज्य कार्यकारिणी व कोर कमेटी के सदस्य पवन कुमार सिंह ने इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात कर ठेका श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार के वेतनमान व प्रस्तावित छंटनी पर पुनर्विचार की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराया। साथ ही 39 माह के लंबित एरियर, एचआरए (HRA) एवं अन्य वित्तीय देयों के भुगतान को लेकर चर्चा की। इस्पात मंत्री ने आश्वासन दिया कि ठेका श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जो बढ़ा हुआ वेतन तय किया गया है, उसे 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया जाएगा। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ठेका मजदूर भी उपस्थित थे।