

आसनसोल : आसनसोल जीटी रोड स्थित महावीर स्थान मंदिर संचालन को लेकर पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद पर बीते बुधवार को बैठक कर विराम लगाया गया था। एक ओर जहां पूरे विवाद पर विराम लगने की बात हो ही रही थी तभी एक बार फिर से विवाद ने सिर उठा दिया है। गौरतलब है कि आसनसोल महावीर स्थान सेवा समिति एवं आसनसोल महावीर स्थान मंदिर सार्वजनीन दुर्गा पूजा महावीर अखाड़ा समिति के पदाधिकारियों को लेकर मंत्री ने बैठक कर आसनसोल महावीर स्थान मंदिर समिति का गठन कर महावीर स्थान मंदिर को संचालन करने को कहा था। वहीं मंदिर में संचालित अन्य तीन कमेटी ने आवाज उठाते हुये कहा है कि उक्त बैठक में उनलोगों को दरकिनार क्यों किया गया। उस बैठक में उन्हें भी बुलाया जाना चाहिए था।
गणेश पूजा समिति ने उठाई आवाज
गणेश पूजा समिति के संजय जालान ने कहा कि मंदिर में 5 कमेटी है, जिसमें आसनसोल महाबीर स्थान सेवा समिति, सार्वजनिक दुर्गापूजा अखाड़ा कमेटी, गणेश पूजा समिति, महिला समिति एवं हनुमान जन्मोत्सव समिति। वहीं तीन समिति के प्रतिनिधि आसनसोल महाबीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा के ऑफिस में जाकर मिले। उनलोगों ने अरुण शर्मा से कहा कि वे लोग भी मंदिर से लगभग 30 से 40 साल से जुड़े हैं और उनका भी मंदिर के विकास में योगदान रहा है तो उन्हें सूचना दिये बिना ही मंदिर की नई कमेटी का गठन कैसे हुआ। वे इस नई कमेटी को नहीं मानते है और कमेटी में उनके भी सदस्य को स्थान मिलना चाहिए। इस मौके पर अजय सोनकर, शंभू धीबर, मोहन गुप्ता एवं प्रदीप अग्रवाल मौजूद थे।
क्या कहा महावीर स्थान सेवा समिति ने
महावीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा ने कहा कि यह जो कमेटी का गठन हुआ है वह सार्वजनीन दुर्गा पूजा महावीर अखाड़ा समिति के द्वारा बुलाई गयी बैठक के आधार पर हुई थी। आगे उन्होंने बताया कि मंत्री के तरफ से उन्हें बुलाया गया था, इसलिए वे अपने कुछ सदस्य के साथ वहां गये थे। साथ ही बताया कि अभी कोई भी पूर्ण कमेटी का गठन नहीं हुआ है। उन्होंने संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि रविवार को पुनः इस संबंध में मंत्री जी द्वारा एक और मीटिंग बुलाई जा सकती है। उक्त बैठक में मंदिर के सभी संचालित कमेटी को बुलाया जा सकता है। उसके बाद पूर्ण कमेटी का गठन होने की संभावना है।