

बांकुड़ा : बांकुड़ा जिले में रविवार शाम आई भीषण 'कालबैशाखी' ने भारी तबाही मचाई है। मंदिर नगरी विष्णुपुर और आसपास के क्षेत्रों में आए इस विनाशकारी तूफान की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। तूफान इतना तीव्र था कि सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली, यातायात सेवाएं घंटों बाधित रहीं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
सब्जी मंडी में गिरा शेड, एक की मौत
विष्णुपुर थाना क्षेत्र के भरा ग्राम में स्थित सब्जी मंडी में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब तूफान से बचने के लिए शेड के नीचे छिपे व्यापारियों पर भारी टिन की छत गिर गई। मलबे में दबने से 4-5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल विष्णुपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए तापस पाल नामक व्यक्ति को बांकुड़ा रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मलबे और गिरे हुए पेड़ों के कारण एम्बुलेंस को भी लंबा चक्कर काटकर अस्पताल पहुंचना पड़ा।
घर से महज 500 मीटर दूर टोटो ड्राइवर ने गंवाई जान
तूफान का दूसरा शिकार पात्रसायर थाना क्षेत्र के बालसी ग्राम निवासी अभिजीत लाहा बना। पेशे से टोटो ड्राइवर अभिजीत रविवार शाम सवारी छोड़कर घर लौट रहा था। घर से मात्र 500 मीटर पहले आए तूफान ने उसके टोटो को पलट दिया। टोटो के नीचे दबने से अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई।
कई घर क्षतिग्रस्त, अस्पताल परिसर में गिरा शेड
तूफान का असर विष्णुपुर शहर के वार्ड नंबर 6 में भी देखा गया, जहां एक विशाल पेड़ गिरने से एक मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। हालांकि, परिवार के छह सदस्य बाल-बाल बच गए। इसके अलावा कई घरों के क्षत्रिग्रस्त होने की खबर है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के आद्रा-खड़गपुर खंड पर ओवरहेड तार टूटने से रेल परिचालन घंटों प्रभावित रहा। विष्णुपुर अस्पताल परिसर में शेड टूट गए हैं। यहां पानी की मशीन भी क्षतिग्रस्त हुई है। विष्णुपुर शहर तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्येंदु बनर्जी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं तूफान के बाद प्रशासनिक टीम गिरे हुए पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारू करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी गई।