शॉर्ट सर्किट से नहीं, कोच में बाहर से लगी थी आग !

फॉरेंसिक टीम ने जांच की और कई किए सैंपल इकट्ठा
जली बोगी की जांच करते फॉरेंसिक टीम के सदस्य
जली बोगी की जांच करते फॉरेंसिक टीम के सदस्य
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बर्दवान : काटवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की बोगी में आग लगने की घटना महज कोई इत्तेफाक या दुर्घटना नहीं है। रेलवे अधिकारियों को इस बात का अंदेशा पहले से ही था। अब जांच के लिए फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है और जले हुए कोच से कई नमूने इकट्ठा किए गए हैं। चार सदस्यीय फॉरेंसिक टीम ने रेलवे अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर का भी जायजा लिया। जांचकर्ताओं का प्राथमिक अनुमान है कि आग किसी शॉर्ट सर्किट की वजह से नहीं, बल्कि ट्रेन के अंदर जान-बुझकर लगाई गई हो सकती है।

क्या है पूरा मामला

रविवार तड़के, काटवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ी काटवा-आजिमगंज पैसेंजर ट्रेन में अचानक आग लग गई थी। देखते ही देखते ट्रेन की एक बोगी धू-धूकर जलने लगी। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था, लेकिन तब तक पूरी बोगी जलकर खाक हो चुकी थी। शुरुआत में दमकल विभाग का मानना था कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी होगी, लेकिन रेलवे ने इस दावे को खारिज कर दिया है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि किसी ने योजना बनाकर इस आग की घटना को अंजाम दिया हो सकता है। बता दें कि यह ट्रेन सुबह 6:05 बजे आजिमगंज के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया था।

रेलवे अधिकारी ने कहा

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिवराम माझी ने मीडिया से कहा कि उन्हें प्राथमिक रूप से जानकारी मिली है कि शॉर्ट सर्किट से नहीं किसी दूसरे है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांचने पर जांच अधिकारियों को कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आई हैं। इसके लिए एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है। उक्त कमेटी ने जांच प्रारंभ कर दी है। विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रख कर जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पायेगा।

फॉरेंसिक टीम को क्या संदेह है

फॉरेंसिक टीम को संदेह है कि आग ट्रेन की सीटों से शुरू हुई और फिर पूरे कोच में फैल गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोच के बिजली के पंखे तक फट गए। आग लगने के तुरंत बाद रेलवे कर्मचारियों ने जलती हुई बोगी को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया, जिससे अन्य बोगियां सुरक्षित बच गईं। अपनी शुरुआती जांच में फॉरेंसिक टीम ने अंदाजा लगाया कि आग ट्रेन के नीचे से लगी होगी। पता चला है कि जले हुए डिब्बे की बैटरी बॉक्स सही-सलामत है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होती, तो बैटरी बॉक्स को नुकसान हो सकता था। इसलिए आग के पीछे तोड़फोड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, फॉरेंसिक टीम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।

बोगी में अंदर से लगी है आग - IG

इस मामले के जांच के लिए ईस्टर्न रेलवे के IG सह प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर, RPF अमिय नंदन सिन्हा सोमवार को कटवा स्टेशन पहुंचे। वे मुख्य रूप से आग में जले ट्रेन के डिब्बे का निरीक्षण करने आए थे। सुबह फॉरेंसिक टीम के जांच करने आने के बाद IG शाम तक कटवा स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने आग से क्षतिग्रस्त जले हुए डिब्बे का निरीक्षण किया। IG ने डिब्बे में घुसकर उसकी अच्छी तरह से जांच की। उन्होंने कहा कि आग कैसे लगी, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है। उस दिन CCTV कैमरे में कुछ लोगों की हरकत देखी गई है। उन्होंने कहा कि आग के शॉर्ट सर्किट से लगने की संभावना कम है। साथ ही कहा कि आग बोगी के बाहर नहीं बल्कि अंदर से लगी हुई प्रतीत हो रही है। हालांकि, रेलवे सभी बिंदुओं को ध्यान में रख कर जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि AFSL की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पायेगी।

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