भय गया और भरोसा इन किया है : मंत्री

पुरंदरपुर में बांधव समिति की काली पूजा के उद्घाटन में उच्च शिक्षा मंत्री, मंच से जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने दिया राजनीतिक संदेश
मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को सम्मानित करते आयोजन कमेटी के पदाधिकारी
मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को सम्मानित करते आयोजन कमेटी के पदाधिकारी
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सन्मार्ग संवाददाता

​बीरभूम : सांईथिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पुरंदरपुर बांधव समिति की काली पूजा के उद्घाटन समारोह में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सह सिउड़ी के विधायक जगन्नाथ चट्टोपाध्याय शामिल हुए। पूजा के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने के साथ-साथ उन्होंने मंच से इलाके के लोगों को कई राजनीतिक संदेश भी दिए। उनके भाषण में पुरंदरपुर के राजनीतिक बदलाव, अतीत की स्थिति और आने वाले दिनों की जिम्मेदारियों का जिक्र आया।

​मंच पर भाषण देते हुए जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने वहां मौजूद लोगों से सवाल किया, “आप लोग किसके पक्ष में हैं, अंधेरे (काले) के पक्ष में या उजाले के पक्ष में?” उन्होंने कहा कि पुरंदरपुर में इस साल भयमुक्त माहौल में बांधव समिति की काली पूजा आयोजित होना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उनका दावा है कि पिछले 15 वर्षों से इलाके के लोग जिस परिस्थिति में थे, 2026 के चुनाव के बाद उस परिस्थिति में बदलाव आया है। उनके शब्दों में, लोगों को एक बार फिर स्वतंत्र रूप से अपने तरीके से त्योहार मनाने का मौका मिला है।

​उच्च शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि पिछले लगभग 15 वर्षों में लोगों ने डर, आतंक और जिहादी शासन की स्थिति को बहुत करीब से महसूस किया है। इसलिए आने वाले समय में इस बदलाव को बनाए रखने की जिम्मेदारी इलाके के लोगों की ही है। उन्होंने अपील की कि आने वाले पांच दशकों में चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, पुरंदरपुर के लोगों को अपने इस हासिल किए गए बदलाव के स्थान से हटना नहीं चाहिए।

​इसके साथ ही बांधव समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों के विश्वास और भरोसे का केंद्र बनना होगा। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि अब तक समिति का माहौल दूषित हो चुका था। मंत्री ने दावा किया कि अब उस माहौल में बदलाव आ चुका है।

​इस दौरान भाषण के बीच में जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने पुरंदरपुर के साथ अपने पुराने संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनके बचपन का एक बड़ा हिस्सा इस इलाके से जुड़ा हुआ है। वह अपनी बुआ के घर आते थे और छुट्टियां मिलते ही धरम पूजा के अवसर पर पुरंदरपुर आने की कोशिश करते थे। इस प्रकार उन्होंने स्पष्ट किया कि इस इलाके के साथ उनकी व्यक्तिगत भावनाएं और यादें जुड़ी हुई हैं।

​काली पूजा के उद्घाटन मंच से धार्मिक उत्सव के माहौल में राजनीतिक बयानबाजी और पुरानी यादों का यह अनोखा मेल उच्च शिक्षा मंत्री के भाषण में देखने को मिला।

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