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बर्नपुर : आईएसपी में एक ठेका कर्मी की मौत की घटना को लेकर जमकर हंगामा मचा। मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग पर ISP के DIC ऑफिस के मेन गेट के सामने धरना प्रदर्शन किया। मृतक के परिजनों की मांग है कि उसकी जगह पर उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाये। कई घंटों तक मांग को लेकर प्रदर्शन करने के बाद कोई लिखित पत्र नहीं दिया गया। उन्हें सिर्फ काम मिलेगा का आश्वासन दिया गया। मृतक के बड़े भाई ने कहा कि उसका एक छोटा बच्चा है और पत्नी है, उसका घर कैसे चलेगा, इसके लिए नौकरी की मांग की जा रही है। वहीं यूनियन के नेताओं का कहना है कि जिस कांट्रैक्टर के साथ जो कुछ भी अनुबंध हुआ है, वह सब उसे मिलेगा। रही बात नौकरी की तो प्रंबधन पर निर्भर करता है कि वे क्या करेंगे।
क्या है घटना
सूत्रों का कहना है कि नित्य गोपाल धीबर मां लक्ष्मी अलॉय स्टील लिमिटेड के अंदर ऑपरेशन गैरेज का ड्राइवर था। मंगलवार सुबह 9:45 बजे एसएमएस इलेक्ट्रिकल स्टोर में साइकिल से आया था। वहां कुछ देर के बाद उसके सीने में दर्द होने लगा। थोड़ी ही देर में उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई और बेहोश हो गया। तत्काल उसे एम्बुलेंस बुलाकर प्लांट के अंदर प्राथमिक चिकित्सा करने के बाद उसे ईएसआई अस्पताल भेज दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पत्नी ने पति का शव लेने से किया इंकार
मृतक की पत्नी नवान्न धीबर ने बताया कि उसके पति नित्य गोपाल धीबर स्वस्थ रूप से घर से नाश्ता कर व दोपहर का खाना लेकर ड्यूटी पर गये थे। अचानक सवा 11 बजे उन्हें हार्ट अटैक होने की सूचना मिली। वह अपने बेटे शुभम धीबर को लेकर ईएसआई अस्पताल पहुंचीं, जहां उसके पति की मौत होने की जानकारी दी गयी। उनका बेटा और एक पांच वर्षीय बेटी के भविष्य को लेकर चिंता है। यूनियन के नेताओं का कहना है कि नियम के अनुसार मृतक की पत्नी को जीवन व्यापी प्रति माह साढ़े तीन हजार रुपये जीविकोपार्जन के लिए मिलेंगे। इसके साथ पीएफ, गेच्यूटी आदि का पैसा भी मिलेगा। मृतक कर्मी के परिजनों ने दावा किया कि ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के भरण-पोषण और बच्चों के भविष्य के लिए मुआवजा व पत्नी को नौकरी देनी होगी। ऐसा नहीं होने पर वह अपने मृतक का शव नहीं लेंगे। मृतक की पत्नी को यूनियन के सदस्यों द्वारा समझाये जाने के बाद उसने अस्पताल से शव को लिया और ISP के DIC ऑफिस के सामने पहुंच प्रदर्शन किया।