

बर्नपुर : आसनसोल नगर निगम के प्रतिनिधियों ने सेल आईएसपी के डीआईसी को ज्ञापन देकर विभिन्न मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित कराया। गौरतलब है कि ठेका कर्मचारियों और उनके परिवारों, बेरोजगार युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ 5 स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया 2026 के सत्र में रोक दी गई है। इस संबंध में डीआईसी के साथ गहन चर्चा की गई। इस मौके पर नगर निगम के प्रतिनिधि अशोक रूद्र, गुरमित सिंह, कंचन मुखर्जी, दिलीप ओरांग, राकेश शर्मा, श्रावणी विश्वास एवं संध्या दास मौजूद थीं।
बैठक में हुई हुई विशेष मुद्दों पर चर्चा
नगर निगम के प्रतिनिधियों ने सेल आईएसपी के डीआईसी सुरजीत मिश्रा का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि इस वर्ष के सेशन में आईएसपी के 5 स्कूलों में एडमिशन प्रोसेस रोक दिया गया है। साथ ही कहा कि वे चाहते हैं कि इस औद्योगिक क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों के लिए इसे जल्द से जल्द एडमिशन फिर शुरू किया जाए, जो आमतौर पर आईएसपी के ठेका कर्मचारियों और गरीब परिवारों से आते हैं। वहीं पता चला है कि सेल आईएसपी इन स्कूलों का निजीकरण किया जा रहा है, इसलिए ठेका कर्मचारियों के परिवार चिंतित हैं। उनसे कहा गया कि वे नई मैनेजमेंट द्वारा लगाई जाने वाली फीस का बोझ नहीं उठा पाएंगे, इसलिए वे चाहते हैं कि निजीकरण का यह फैसला रद्द किया जाए। वहीं सेल आईएसपी के आधुनिकीकरण और विस्तार प्रक्रिया के दौरान स्थानीय युवाओं को ठेका कर्मचारी के रूप में रोजगार देने के बारे में भी गहरी चिंता जताई है। आईएसपी के ठेका कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन किया जाना चाहिए और डीएसपी और एएसपी के ठेका कर्मचारियों के बराबर किया जाना चाहिए।
सेल आईएसपी के डीआईसी ने दिया जवाब
नगर निगम के प्रतिनिधियों ने बताया कि सेल आईएसपी के डीआईसी ने कहा कि दिल्ली से निर्देश है कि आईएसपी स्टील उत्पादन करता है। वह स्टील उत्पादन करे और स्कूल और अस्पताल का संचालन किसी प्राइवेट संस्था के हाथ में सौंप दे। वहीं उन्होंने कहा कि आसपास के इलाके में काम करने के स्किल्ड एंड अनस्किल्ड इच्छुक युवा, पुरुषों एवं महिलाओं के नामों की लिस्ट बनाकर जमा करने को कहा गया है।