कानून तोड़ने वाले लोग व नेताओं पर कड़ी कार्रवाई होना तय - मंत्री अग्निमित्रा

कार्यक्रम में उपस्थित हैं मंत्री अग्निमित्रा पॉल, डीएम एस पोन्नमबलम, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी
कार्यक्रम में उपस्थित हैं मंत्री अग्निमित्रा पॉल, डीएम एस पोन्नमबलम, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी
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आसनसोल : आरके मिशन स्कूल का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद नगर निगम विकास सह महिला व बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पाल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अगर उनकी जानकारी में कोई नेता, मंत्री, विधायक व सांसद कानून तोड़ता हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ घुसपैठियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज माकपा नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने बांग्लादेश से अवैध तरीके से आए घुसपैठियों की तुलना दलाई लामा से कर दी जो काफी शर्म की बात है। वे शिक्षित होकर भी मूर्ख की तरह बात कर रहे हैं। दलाई लामा देश के नागरिकों के लिए श्रद्धा के पात्र हैं और वे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जमाने से यहां शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। माकपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं। ये लोग सुरक्षा के साथ भी समझौता करने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तृणमूल और माकपा सहित अन्य राजनीतिक दलों को सबक लेनी चाहिए। वे लोग बात-बात पर वोट चोरी की बात किया करते है। कोर्ट ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए जो बयान जारी किया है, जिससे नेताओं की जुबान पर ताला लग गया है। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिनों के भीतर बंगाल से तृणमूल पार्टी के नाम का सफाया हो जाएगा। घुसपैठियों को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी यह साफ कर दिया है कि किसी भी अवैध घुसपैठिये को जेल में रखकर भारत के संसाधन जिस पर केवल भारतीयों का अधिकार होना चाहिए, उन पर बर्बाद नहीं किया जा सकता है। घुसपैठियों को चिन्हित कर तुरंत बीएसएफ को सौंपकर उसे बांग्लादेश की सेना के हवाले कर देना है। इसी नीति को अपनाकर उस पर काम किया जा रहा है।

कुर्बानी को लेकर क्या कहा

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बकरीद पर मुस्लिम समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा जो नियम लागू किया गया है, वह नया नहीं है। यह नियम 50 के दशक से ही बंगाल में लागू है लेकिन पहले बामपंथी और उसके बाद तृणमूल द्वारा वोट बैंक की राजनीति के कारण इसे लागू नहीं किया गया। कुर्बानी को लेकर जो नियम है, उसे भाजपा सरकार ने लागू कर दिया है जिसे सभी को मामना पड़ेगा।

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