प्रतिमा नहीं, पाषाण स्वरूप में विराजती हैं मां काली, श्रद्धा और आस्था से होती है पूजा-अर्चना

अमावस्या की अंधेरी रात में दीप, धूप, मंत्रोच्चार और बलिदान के साथ भक्त करते हैं मां काली की आराधना, सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत

जामुड़िया : मां काली की महिमा अपरंपार है। भक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास में मां अनेक रूपों में पूजित होती हैं। जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के श्यामला अंचल स्थित फरफरी गांव में मां काली की आराधना का एक ऐसा ही अनूठा एवं आध्यात्मिक स्वरूप देखने को मिलता है, जहां मां किसी निर्मित प्रतिमा में नहीं, बल्कि पवित्र पाषाण स्वरूप में विराजमान हैं। खुले आकाश के नीचे विराजती मां के इस दिव्य स्वरूप के प्रति ग्रामीणों की अटूट आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है।
ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार, यह पाषाण काली स्थान लगभग 150 वर्ष पुराना है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उनके पूर्वजों के समय से ही विशेष शिलाखंडों को आदिशक्ति मां काली का प्रतीक मानकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती रही है। श्रद्धालुओं के लिए ये शिलाखंड महज पत्थर नहीं, बल्कि मां की दिव्य उपस्थिति और शक्ति के प्रतीक हैं। भक्त यहां शीश नवाकर अपने परिवार, गांव और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं।
इस पावन परंपरा का प्रमुख अवसर अमावस्या की रात्रि होती है। इस विशेष अवसर पर ग्रामीण समीप स्थित तालाब से मां के पाषाण स्वरूप को पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा स्थल तक लाते हैं। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर, धूप-अगरबत्ती की सुगंध और मंत्रोच्चार के बीच लगभग तीन से चार घंटे तक मां की आराधना की जाती है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति से मां के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित करते हैं। पूजा के उपरांत परंपरा के अनुसार बलिदान की रस्म भी निभाई जाती है।
इस धार्मिक स्थल की विशेषता यह है कि मां के पाषाण स्वरूप के ऊपर कोई स्थायी छत अथवा मंदिर नहीं बनाया गया है। लोकमान्यता है कि पूर्वजों को मां की ओर से इस स्थान को खुला रखने का निर्देश मिला था। इसी विश्वास के अनुरूप आज भी मां खुले आकाश के नीचे विराजमान हैं।
कृषि-किसानी पर निर्भर ग्रामीण आर्थिक रूप से साधारण जीवन जीते हैं, लेकिन मां काली के प्रति उनकी श्रद्धा असाधारण है। फरफरी गांव का यह पावन स्थल आज भी लोकविश्वास, आध्यात्मिक चेतना और प्राचीन धार्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।
माँ काली का पाषाण स्वरूप Photo
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