श्रावणी मेला को लेकर आरपीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) ने की सुरक्षा समीक्षा

जसीडीह रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण करते आईजी एएन सिन्हा
जसीडीह रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण करते आईजी एएन सिन्हा
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आसनसोल : माहभर चलने वाले श्रावणी मेला 2026 के शुभारम्भ से पूर्व, प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के जसीडीह रेलवे स्टेशन से होकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने की संभावना को देखते हुए, पूर्व रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित, संरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की है। इसी क्रम में 24 जुलाई अर्थात शुक्रवार को पूर्व रेलवे के महानिरीक्षक (आईजी), रेलवे सुरक्षा बल एएन सिन्हा ने आसनसोल मंडल के वरिष्ठ मंडलीय सुरक्षा आयुक्त के साथ जसीडीह रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महानिरीक्षक ने यात्री होल्डिंग एरिया, स्टेशन परिसर, फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) तथा जसीडीह आरपीएफ पोस्ट का निरीक्षण कर समग्र सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। विशेष रूप से नव विकसित यात्री होल्डिंग एरिया का अवलोकन किया गया, जिसे श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुव्यवस्थित एवं नियंत्रित करने, स्टेशन परिसर में भीड़ रोकने तथा यात्रियों के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। महानिरीक्षक ने स्टेशन के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। ज्ञात अपराधियों के डेटाबेस से एकीकृत यह प्रणाली सूचीबद्ध व्यक्तियों की पहचान होते ही वास्तविक समय (रियल-टाइम) में अलर्ट जारी करती है, जिससे आरपीएफ कर्मियों को संदिग्ध अथवा वांछित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने में सहायता मिलती है। इसके उपरांत रेलवे के विभिन्न विभागों, सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, प्रभावी संचार तथा संयुक्त कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया, ताकि मेला अवधि के दौरान यात्रियों की निर्बाध आवाजाही, बेहतर सुरक्षा तथा कुशल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

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