कोलियरी प्रबंधक पर प्रदर्शनकारियों ने किया हमला

गंभीर रूप से घायल, छोरा 7/9 कोलियरी की घटना
अस्पताल में इलाजरत घायल कोलियरी प्रबंधक अमित कुमार पटेल
अस्पताल में इलाजरत घायल कोलियरी प्रबंधक अमित कुमार पटेल
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अंडाल : अंडाल थाना व ECL के केंदा क्षेत्र अंतर्गत छोरा 7/9 कोलियरी में सोमवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब बिजली और पानी की नियमित आपूर्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे स्थानीय लोगों ने कोलियरी प्रबंधक अमित कुमार पटेल पर हमला कर दिया। इस हमले में प्रबंधक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए छोरा स्थित केंदा क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से ईसीएल अधिकारियों भारी नाराजगी का माहौल है। प्रबंधन ने अंडाल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर घटना में शामिल उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही केंदा क्षेत्र के महाप्रबंधक अक्षय चंद्र दे, सिदुली ग्रुप ऑफ़ माइंस के अभिकर्ता पंकज वर्मा, छोरा ग्रुप ऑफ़ माइंस के अभिकर्ता आनंद प्रकाश समेत कई शीर्ष अधिकारी घायल प्रबंधक का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे। पुलिस घटना की जांच में जुटी है।

कार्यालय से खींचकर कड़ी धूप में पीटा

घायल प्रबंधक अमित कुमार पटेल ने बताया कि सोमवार को रवींद्र यादव के नेतृत्व में 50 से 60 लोगों की भीड़ अचानक कोलियरी परिसर में घुस आई। भीड़ ने ऑफिस के बिजली-पंखा बंद करने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और उन्हें जबरन ऑफिस से बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा, "मैंने प्रदर्शनकारियों से बार-बार आग्रह किया कि कोलियरी अभिकर्ता (एजेंट) रास्ते में हैं, उनके आते ही बैठकर समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। लेकिन उग्र भीड़ ने एक न सुनी और मेरे साथ धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट शुरू कर दी।" वहीं अभिकर्ता आनंद प्रकाश ने घटना की तीव्र निंदा करते हुए सन्मार्ग से कहा कि प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे बिजली की अनुचित मांग को लेकर पहले कोलियरी का कामकाज ठप किया और फिर कार्यवाहक प्रबंधक को चिलचिलाती धूप में खड़ा रखकर उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

वर्क कल्चर होगा प्रभावित, सुरक्षा की गारंटी दे प्रबंधन

ऑफिसर्स एसोसिएशन (केंदा एरिया) के सचिव रंजीत कुमार राय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बिना किसी तर्क के ऑन-ड्यूटी अधिकारी पर इस तरह का हिंसक हमला बेहद चिंताजनक है। इससे अधिकारियों में असंतोष और डर का माहौल है, जो सीधे तौर पर कोलियरी के वर्क कल्चर (कार्य संस्कृति) को प्रभावित करेगा। संगठन ने प्रबंधन से मांग की है कि वह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, छोरा अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि प्रबंधक अमित के शरीर पर कई जगहों पर चोट और जख्म के निशान हैं। हालांकि, उचित उपचार के बाद फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

आरोपों पर क्या है दूसरी तरफ का पक्ष ?

दूसरी ओर, प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले रवींद्र यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। रवींद्र यादव का कहना है कि इस भीषण गर्मी में प्रबंधन क्वार्टरों में दिनभर में महज 2 से 3 घंटे ही बिजली की सप्लाई दे रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का जीना दूभर हो गया है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय नागरिकों ने केवल पानी और बिजली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन किया था। मारपीट या बदसलूकी का आरोप गलत है।

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