तृणमूल पार्षद के 'लापता' होने के पोस्टर लगे

चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से गायब हैं कई पार्षद
लगे पोस्टर को देखते लोग
लगे पोस्टर को देखते लोग
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रानीगंज : राज्य में सत्ता परिवर्तन और भाजपा की नई सरकार के गठन के बाद से ही रानीगंज से तृणमूल कांग्रेस के कई पार्षद 'गायब' बताए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही आसनसोल नगर निगम के रानीगंज-2 नंबर बोरो के अंतर्गत आने वाले अधिकांश तृणमूल कांग्रेस पार्षदों के कथित तौर पर लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बोरो के कुल 11 वार्डों में से 10 पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा था, जिनमें से एक पार्षद का निधन हो चुका है, जबकि महज एक वार्ड माकपा के पास है। चुनाव नतीजों के बाद से ही कुछ तृणमूल पार्षदों का अपने-अपने क्षेत्रों में कोई अता-पता नहीं चल रहा है। इसी बीच रानीगंज के वार्ड संख्या 91 में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद राजू सिंह के अचानक गायब होने को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। शनिवार को स्थानीय लोगों ने देखा कि वार्ड के विभिन्न प्रमुख चौराहों और दीवारों पर राजू सिंह की तस्वीर के साथ 'लापता' होने के पोस्टर चिपकाए गए हैं। इस पोस्टर में लिखा गया है कि एक विशेष घोषणा के तहत सूचित किया जाता है कि चुनावी नतीजों के दिन से ही पार्षद राजू सिंह को उनके वार्ड में ढूंढने पर भी उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। पोस्टर के जरिए जनता से अपील की गई है कि यदि किसी को भी उनका पता चले, तो उन्हें तुरंत पकड़कर वापस लाने की व्यवस्था की जाए ताकि वार्ड के अटके हुए कामकाज पूरे हो सकें। इसके साथ ही पोस्टर में तीखा सवाल दागते हुए लिखा गया है कि अगर पार्षद को जनता के लिए काम करने की इच्छा नहीं है, तो वह अपने पद पर क्यों बने हुए हैं ? उन्हें स्वेच्छा से इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि, इस्तीफे की शर्त के रूप में पोस्टर में यह भी मांग की गई है कि पद छोड़ने से पहले वह आम जनता से की गई कथित वसूली की राशि जरूर वापस लौटा दें। इस पूरे मामले और विवादित पोस्टरों को लेकर जब खुद पार्षद राजू सिंह से प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उनसे कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कसा तंज

भाजपा के रानीगंज शहर मंडल-1 के अध्यक्ष शमशेर सिंह ने इस विषय पर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ वार्ड संख्या 91 तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव नतीजों के बाद से रानीगंज में तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश पार्षद पूरी तरह से परिदृश्य से गायब हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए वार्ड संख्या 34 की तृणमूल पार्षद ज्योति सिंह, वार्ड संख्या 88 की पार्षद नेहा साव और वार्ड संख्या 37 के रूपेश यादव का नाम लिया और कहा कि इन सभी जनप्रतिनिधियों के लापता होने की वजह से आम जनता को बुनियादी सुविधाओं और नागरिक कार्यों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा नेता शमशेर सिंह ने दावा किया कि जमीनी हकीकत यह है कि तृणमूल कांग्रेस के ये पार्षद अब आम जनता के बीच जाकर उनके तीखे सवालों और अपनी नाकामियों का सामना कर पाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं, इसलिए वे अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं।

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