पूजा से पहले वेतन नहीं मिलने पर DTOA कर्मियों का फूटा गुस्सा

दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे            
धरना देते डीटीओए के कर्मचारी
धरना देते डीटीओए के कर्मचारी
Published on: 

संजय, सन्मार्ग संवाददाता

बांकुड़ा : बड़जोड़ा- मेजिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित ‘दुर्लभपुर ट्रक ओनर्स एसोसिएशन’ (DTOA) का आंतरिक विवाद अब सड़क पर आ गया है। पिछले तीन-चार महीनों से चल रही खींचतान की गाज सीधा संस्था के 70 से 80 कर्मचारियों पर गिरी है, जिनका वेतन अटक गया है। दुर्गापूजा से ठीक पहले सितंबर माह की पगार न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने एसोसिएशन कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। विवाद का असर सामाजिक कार्यों पर भी पड़ा है और संस्था की निःशुल्क वातानुकूलित (AC) एम्बुलेंस सेवा बंद हो गई है।

कर्मचारी बोले - कोविड में भी नहीं रुका था वेतन

धरने पर बैठे कर्मचारी तापस बनर्जी ने दर्द बयां करते हुए कहा, त्योहार सिर पर है और हमारे पास बच्चों के नए कपड़े खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। कोविड काल में जब पूरा चक्का जाम था, तब भी हर माह की 5 तारीख तक वेतन मिल जाता था। मगर चार महीने पहले पूर्व अध्यक्ष के हटने के बाद से वेतन के लाले पड़ गए हैं।

बैठकें नाकाम, चुनाव पर एक राय नहीं

विवाद सुलझाने के लिए सांसद सौमित्र खां और विधायक चंदना बाउरी की पहल पर बनी 6 सदस्यीय कोर कमेटी पहले ही फेल हो चुकी है। 2 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक (SP) और गंगाजलघाटी थाना प्रभारी की मौजूदगी में हुई प्रशासनिक बैठक में 14 नवंबर को लोकतांत्रिक चुनाव कराने पर सहमति बनी थी, लेकिन एक गुट के मुकरने से गतिरोध और गहरा गया।

‘निजी स्वार्थ में संस्था बर्बाद, पूर्व अध्यक्ष को फिर मिले कमान’

सालतोड़ा विधायक चंदना बाउरी ने कहा कि कुछ लोगों के निजी स्वार्थ के कारण गैर-राजनीतिक संस्था संकट में है। पूर्व अध्यक्ष गौतम मिश्र (श्याम मिश्र) के इस्तीफे के बाद बना नया नेतृत्व विफल साबित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चुनाव संभव नहीं हैं, तो संस्था को बचाने के लिए कमान दोबारा पूर्व अध्यक्ष को ही सौंपी जानी चाहिए। बड़जोड़ा विधायक बिल्लेश्वर सिन्हा ने भी चंदना बाउरी के रुख का समर्थन किया है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in