

मुर्शिदाबाद : शमसेरगंज के सुजीत मंडल की हत्या के आरोपी समौन शेख को मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पुराने डाक बंगले में एनकाउंटर में मार गिराया गया। उसके परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों का दावा है कि एनकाउंटर में समौन की मौत एक प्लान्ड मर्डर थी। उनका दावा है कि जांच के नाम पर उसे लाया गया और गोली मार दी गई। पूरी घटना प्री-प्लांड थी। उसे दोषी पाए जाने से पहले सिर्फ आरोपों के आधार पर मार दिया गया। उन्होंने कोर्ट के दखल से घटना की पूरी जांच की मांग की है। समौन की पत्नी राजेदा बीबी ने कहा, अगर मेरे पति हत्या में शामिल होते, तो उन पर कोर्ट में केस चलता। उन्हें कोर्ट ट्रायल में फांसी या जेल हो सकती थी। पुलिस ने उन्हें इस तरह क्यों मारा ? मैंने सुना कि उन्हें पुराने डाक बंगले में लाया गया और गोली मार दी गई। एक पड़ोसी ने कहा कि पूरी घटना नकली और सजी-सजाई थी। समौन के चचेरे भाई तारिकुल हक ने कहा कि अगर आरोपी भागने की कोशिश करता तो उसके पैरों में पीछे से गोली मार दी जाती। लेकिन, उसे कान के पास गोली मारी गई। ऐसा लगता है कि उसे बहुत पास से गोली मारी गई। समौन को जांच के नाम पर जान से मारने के इरादे से लाया गया था। पड़ोसी मोहम्मद सुलेमान अली ने कहा कि सुजीत मंडल की हत्या के कुछ दिनों बाद फरक्का में फीडर कैनाल से एक पैर बरामद हुआ था। यह साफ नहीं है कि वह सुजीत मंडल का था। अगर समौन हत्या में शामिल था, तो उसके लिए कानून है। उसे कानूनी प्रक्रिया से सजा मिलेगी। कोर्ट उसे मौत या जेल की सजा दे सकती थी। उसे एक जांच अधिकारी का हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश करने के आरोप में गोली मारी गई। जांच के दौरान, मौके पर बड़ी संख्या में सेंट्रल फोर्स के जवान, CID और पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा, समौन के दोनों हाथों में हथकड़ी थी। इसके बावजूद समौन ने बंदूक छीनकर भागने की कोशिश कैसे की ? यह घटना पूरी तरह से अविश्वसनीय है। समौन को गलत तरीके से मार दिया गया।