एंटी-पेपर लीक कानून का पास होना बेहद जरूरी था : अग्मिनित्रा पॉल

10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना का प्रावधान
एंटी-पेपर लीक कानून का पास होना बेहद जरूरी था : अग्मिनित्रा पॉल
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

आसनसोल : बर्नपुर में राज्य की शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मीडिया से बातचीत कर कई अहम मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि एंटी-पेपर लीक कानून का पास होना बेहद जरूरी था। जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं, वे छात्रों के हित में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग देश-विरोधी एजेंडा चला रहे हैं। पहले पेपर लीक करने पर 5 साल की सजा और 50 लाख रुपये तक जुर्माना था, जिसे अब बढ़ाकर 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना कर दिया गया है। बीरभूम कैश और गोल्ड कांड पर तीखा हमला बोलते हुये उन्होंने कहा कि भारी मात्रा में नकदी और सोना मिलने पर ऐसे लोगों को पहले राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। तृणमूल सरकार में जनता और सरकारी खजाने का पैसा भ्रष्टाचार के जरिए घरों तक पहुंचाया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और मुख्यमंत्री द्वारा जारी टोल-फ्री नंबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने जनता से शिकायत दर्ज कराने की अपील की। वहीं मिड-डे-मील में अंडे की वापसी पर मंत्री ने उसे सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण देना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शाकाहारी भोजन भी महत्वपूर्ण है और इस्कॉन द्वारा दिया जाने वाला भोजन गुणवत्ता में उत्कृष्ट होता है। सरकार का उद्देश्य बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार देना है।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in