भाषाओं का बहनापा और हिंदी विषय पर एकल व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन

एकल व्याख्यान शृंखला छात्राओं के लिए उपयोगी और अनिवार्य
भाषाओं का बहनापा और हिंदी विषय पर एकल व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन
Published on

आसनसोल : आसनसोल गर्ल्स काॅलेज द्वारा हिंदी पखवाड़ा अंतर्गत भारतीय भाषाओं का बहनापा और हिंदी विषय पर एकल व्याख्यान कार्यक्रम हुआ। इस व्याख्यान में स्वागत भाषण और वक्ता का परिचय हिंदी विभाग की प्राध्यापिका पूजा पाठक ने दिया। उद्घाटन भाषण बांग्ला विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शाश्वती मजूमदार ने दिया। आईक्यूएसी को-ऑर्डिनेटर डॉ. बीरु रजक ने हिंदी विभाग द्वारा आयोजित की जा रही एकल व्याख्यान शृंखला को छात्राओं के लिए उपयोगी और अनिवार्य बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर बैमनस्य फैलाना कतई उचित नहीं है। हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वैसे तो दुनिया की सभी भाषाएं आपस में बहनें हैं लेकिन भारतीय भाषाएं तो सगी बहनें हैं। इस तरह हिंदी हमारी मां है तो बांग्ला मासी मां या बांग्ला जिनकी मां है, हिंदी उनकी मासी मां। वहीं डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी जो कि पांच भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, नेपाली और संस्कृत के मर्मज्ञ हैं, साथ ही हिंदी और नेपाली के सेतु के रूप में जाने जाते हैं, उन्होंने विस्तार से भारतीय भाषाओं के बहनापे पर प्रकाश डाला। व्याख्यान के बाद छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त की जिनका समुचित उत्तर डाॅ. सत्य प्रकाश तिवारी ने दिया। इस मौके पर विभागों के प्राध्यापकों के साथ काफी संख्या में छात्राएं उपस्थित थी।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in