बर्नपुर बस स्टैंड में बलिदान दिवस का पालन

23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी
बर्नपुर बस स्टैंड में बलिदान दिवस का पालन
Published on

बर्नपुर : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्क समिति द्वारा बर्नपुर बस स्टैंड में बलिदान दिवस का पालन किया गया। मौके पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्क समिति के महामंत्री एवं भाजपा नेता पवन कुमार सिंह ने कहा कि उनके द्वारा एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के खिलाफ किए गए ऐतिहासिक संघर्ष और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। आगे कहा कि उन्होंने अपने इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने 1953 में बिना परमिट लिए जम्मू-कश्मीर की यात्रा की। उस समय वहां जाने के लिए अलग से अनुमति लेनी पड़ती थी। राज्य में प्रवेश करते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और शेख अब्दुल्ला सरकार की जेल में नजरबंद कर दिया गया। जेल में लगभग 40 दिन बिताने के बाद, 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी। इस मौके पर परिमल पाल, पंकज मिश्रा, जटा शंकर तिवारी, चंजन साव, राम अधिकारी, इबराल अहमद, राजेंद्र शर्मा, बिक्की यादव, राजू सिंह, अजय गुप्ता, रामजी प्रसाद, महैंद यादव, पंकज दास, महेश यादव, गणेश साव सहित अन्य लोग मौजूद थे।


Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in