अब बीर बहादुर सिंह ने नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के खिलाफ खोला मोर्चा

कार्यकर्ताओं को संकट में छोड़ मौज में हैं पूर्व MLA
अब बीर बहादुर सिंह ने नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के खिलाफ खोला मोर्चा
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पांडवेश्वर : पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं सुजीत मुखर्जी और किरीटी मुखर्जी के बाद अब बहुला ग्राम पंचायत के उप-प्रधान व टीएमसी के कद्दावर नेता बीर बहादुर सिंह ने पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। ​चुनाव परिणामों के बाद से ही सार्वजनिक मंचों से दूरी बनाए रखने वाले बीर बहादुर सिंह ने मंगलवार शाम को अचानक एक वीडियो जारी कर पूर्व विधायक को सीधे आड़े हाथों लिया। इस वायरल वीडियो के सामने आते ही क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। (हालांकि, सन्मार्ग इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है)। ​कभी नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के बेहद खास रहे बीर बहादुर ने पहली बार पूर्व विधायक की कार्यशैली और मनमानी पर खुलकर हमला बोला। वायरल वीडियो में बीर बहादुर सिंह ने कहा कि पांडवेश्वर की जनता ने विकास और शांति की उम्मीद में बदलाव के पक्ष में वोट दिया है, लेकिन पूर्व विधायक नरेन चक्रवर्ती इसे जबरन गलत नैरेटिव देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व विधायक द्वारा मतगणना में धांधली के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे खुद काउंटिंग हॉल में अंत तक मौजूद थे। भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी की जीत पूरी तरह से जनता का वास्तविक फैसला है। गौरतलब है कि सुजीत मुखर्जी और किरीटी मुखर्जी भी नरेन चक्रवर्ती के इस दावे को झूठा करार दे चुके हैं।

​"5 साल सिर्फ मनमानी की और वसूली को बढ़ावा दिया"

बीर बहादुर सिंह ने कहा, 'पिछले दो महीनों से निष्ठावान कार्यकर्ता राजनीतिक और व्यक्तिगत संकट झेल रहे हैं, लेकिन पूर्व विधायक ने उनकी सुध तक नहीं ली। जब कार्यकर्ता तकलीफ में थे, तब वे खुद सुरक्षित स्थान पर मौज-मस्ती कर रहे थे। पिछले 5 साल में उन्होंने सिर्फ अपनी मनमानी की और व्यापक स्तर पर धन उगाही (वसूली) को बढ़ावा दिया।'

भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी की तारीफ, बताया- असली जननायक

​बीर बहादुर सिंह ने पांडवेश्वर में चुनाव के बाद कायम शांति व्यवस्था का पूरा श्रेय वर्तमान भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी को दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद नरेंद्रनाथ ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। पूर्व विधायक ने सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए कर्मियों और स्थानीय नेताओं का इस्तेमाल किया। ​इसके विपरीत, नवनिर्वाचित विधायक जितेंद्र तिवारी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी लोगों को निर्भय होकर सुख-शांति से रहने का हौसला दिया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर अब तक पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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