

जामुड़िया : इस वर्ष दुर्गोत्सव के दौरान जामुड़िया शहर में पूजा मंडपों की भव्यता के साथ बदले राजनीतिक माहौल की झलक भी देखने को मिलेगी। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद जहां राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं, वहीं शहर को आकर्षक रोशनी से सजाने की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूजा मंडपों से लेकर राजनीतिक मंचों और प्रशासनिक गतिविधियों तक, इस बार दुर्गोत्सव कई मायनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार मुख्य सड़क पर तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक मंच तैयार होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में दुर्गोत्सव के दौरान राजनीतिक मंचों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर होने वाली गतिविधियों के बीच इस वर्ष बदली परिस्थितियों पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि, मंच नहीं बनने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर, भाजपा की नई सरकार बनने के बाद जामुड़िया शहर को रोशनी से सजाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। विभिन्न सड़कों, प्रमुख चौराहों और पूजा आयोजनों के आसपास आकर्षक विद्युत सज्जा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजकों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार रोशनी की सजावट दुर्गोत्सव के आकर्षण को और बढ़ाएगी।बालाजी इलेक्ट्रिक के प्रमुख जयप्रकाश पटवारी ने बताया कि इस बार जामुड़िया में विद्युत सज्जा को विशेष रूप देने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि लाइटिंग की सजावट में इस बार जामुड़िया में चंदननगर की झलक दिखाई देगी। उनकी इस घोषणा के बाद शहर में आकर्षक रोशनी और सजावट को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
इधर, दुर्गापूजा के बाद माता दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा और महावीर अखाड़ा को लेकर भी विशेष हलचल है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष अलग-अलग स्थानों से दो दिनों तक विसर्जन शोभायात्रा और महावीर अखाड़ा निकाले जाने की तैयारी है।
कुल मिलाकर, इस बार जामुड़िया का दुर्गोत्सव धार्मिक उत्साह, आकर्षक विद्युत सज्जा और बदले राजनीतिक समीकरणों के कारण खास रहने की उम्मीद है।