मांगों को लेकर ग्रामीणों ने न्यू केंदा ओसीपी में फिर बंद कराया काम --


जामुड़िया : ईसीएल के केंदा क्षेत्र अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी के न्यू केंदा ओसीपी की कुआरी संख्या दो एवं तीन में विभिन्न मांगों को लेकर स्थानीय खेपाडांगा आदिवासीपाड़ा के ग्रामीणों ने रविवार से दीसोम आदिवासी गंवाता के बैनर तले कोयला उत्पादन ठप कर रखा है। सोमवार दोपहर कुआरी संख्या तीन में अचानक काम शुरू होने की सूचना मिलने पर खेपाडांगा माझीपाड़ा के आदिवासी ग्रामीण ओसीपी पहुंचे और दोबारा काम बंद करा दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने ओसीपी परिसर में संगठन का झंडा गाड़ते हुए बिना सहमति के काम शुरू करने पर कड़े आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए न्यू केंदा कोलियरी के प्रबंधक संजय मंडल, केंदा फाड़ी पुलिस, सीआईएसएफ तथा ईसीएल की सुरक्षा टीम ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे। इसके चलते लगातार दूसरे दिन दोनों ओसीपी में कोयला उत्पादन बाधित रहा।
खेपाडांगा माझीपाड़ा निवासी राखोहरी हांसदा ने आरोप लगाया कि पिछले सात महीनों से ईसीएल प्रबंधन सोनमणि मेझियान का घर बनवाने का आश्वासन दे रहा है, लेकिन अब तक आवास का निर्माण नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि ओसीपी में ब्लास्टिंग के कारण बांध टूटने से खेपाडांगा तालाब सूख गया है। तालाब की मरम्मत नहीं होने के कारण उसमें पानी नहीं है। अभी से पेयजल एवं अन्य जरूरतों को लेकर समस्या उत्पन्न होने लगी है। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि खेपाडांगा माझीपाड़ा के ग्रामीणों के पुनर्वास की दिशा में भी ईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों को जोखिम के बीच जीवनयापन करना पड़ रहा है। प्रतिदिन ओसीपी में होने वाली तेज ब्लास्टिंग से घर और आंगन तक हिल जाते हैं तथा कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में ईसीएल प्रबंधन ठोस पहल नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान दीसोम आदिवासी गंवाता के मिथुन बाउरी, कृष्णा मुर्मू, रिकी बाउरी सहित अन्य ग्रामीण प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
आंदोलन करते ग्रामवासी News
Published on: 

--सात महीने से आवास का आश्वासन, तालाब की मरम्मत व पुनर्वास की मांग पर आंदोलन जारी

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in