

जामुडिया: ईसीएल के कुनुस्तोड़िया एरिया स्थित दो नंबर पीट परिसर में गुरुवार को श्रमिकों की पीट मीटिंग के दौरान भारी तनाव और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। भाजपा के नाम, चुनाव चिह्न और शीर्ष नेतृत्व की तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर भारतीय कोयला मजदूर मंच तथा भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के नेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तीखी नोकझोंक धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।
जानकारी के अनुसार, भारतीय कोयला मजदूर मंच की ओर से गुरुवार को दो नंबर पीट परिसर में श्रमिक सभा आयोजित की गई थी। सभा के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं की तस्वीरों वाला बैनर लगाया गया था। वहीं, सभा में शामिल कार्यकर्ताओं के गले में कमल के फूल के प्रतीक वाले अंगवस्त्र भी दिखाई दिए। इस दौरान 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए गए।
आरोप है कि सभा की तैयारियों के दौरान बीएमएस तथा भाजपा के मूल संगठन के नेता मौके पर पहुंचे और भाजपा के नाम, चुनाव चिह्न एवं शीर्ष नेतृत्व की तस्वीरों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मूल संगठन की अनुमति के बिना इन प्रतीकों का इस्तेमाल कर श्रमिकों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरी ओर, भारतीय कोयला मजदूर मंच के सदस्यों का आरोप था कि वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की विचारधारा से प्रेरित होकर बैनर और कमल के प्रतीक वाले अंगवस्त्र का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन उनकी सभा में अनुचित तरीके से बाधा पहुंचाई गई तथा उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।
वहीं, बीएमएस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उन्हें श्रमिक सभा के आयोजन से आपत्ति नहीं है, लेकिन भाजपा के नाम और प्रतीकों का बिना अनुमति इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही ईसीएल का सुरक्षा विभाग, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित की गई। बाद में भारतीय कोयला मजदूर मंच की ओर से दोबारा पीट मीटिंग आयोजित कर उसे संपन्न कराया गया।
एक ही राजनीतिक विचारधारा से जुड़े श्रमिक संगठनों के बीच हुए इस टकराव की चर्चा पूरे कुनुस्तोड़िया कोयलांचल में हो रही है।