

जामुड़िया : दशकों के लंबे इंतजार के बाद जामुड़िया नगरवासियों को अपना स्थायी छठ पूजा घाट मिलने जा रहा है। करीब दो माह पहले इस नए छठ घाट की आधारशिला रखी गई थी। इसी क्रम में बुधवार को युवा सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया केसरी की पहल पर घाट परिसर में भव्य सूर्य मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ विधिवत भूमि पूजन किया गया। इस पहल से शहरवासियों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जामुड़िया के छठ व्रतियों को पूजा के लिए दामोदरपुर स्थित घाट पर निर्भर रहना पड़ता था। हालांकि, वहां बड़े पैमाने पर मिट्टी की कटाई होने के कारण घाट की स्थिति खतरनाक हो गई थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वहां छठ पूजा करना जोखिम भरा हो गया था। इसके बाद समिति की ओर से दमगोड़िया स्थित एक तालाब को चिह्नित किया गया, जहां लगातार दो वर्षों तक छठ पूजा का आयोजन हुआ।
लेकिन पिछले वर्ष छठ पूजा के दौरान एक व्यक्ति की तालाब में डूबने से हुई दुखद मौत के बाद वहां भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए घाट की तलाश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद 11 नंबर काली मंदिर के पीछे स्थित सरकारी भूमि पर एक तालाब को छठ घाट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद तालाब की साफ-सफाई और घाट के विकास का कार्य शुरू किया गया।
इस संबंध में महेश सिंह ने बताया कि यह जामुड़िया का पहला छठ पूजा घाट है, जिसका निर्माण समिति की ओर से कराया जा रहा है। अगले दो वर्षों के भीतर घाट का उन्नत एवं व्यवस्थित रूप से निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि सूर्य मंदिर का निर्माण भी इस धार्मिक स्थल को विशेष पहचान दिलाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया केसरी द्वारा सूर्य मंदिर निर्माण का बीड़ा उठाया जाना सराहनीय पहल है। इससे छठ व्रतियों को स्थायी पूजा स्थल मिलने के साथ भविष्य में जामुड़िया को एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र भी मिलेगा।
इस अवसर पर संतोषी माता छठ व्रत समिति के महेश सिंह, छोटू केसरी, कन्हैया केसरी, राहुल भारद्वाज, प्रेम शंकर खरवार, दिलीप सिंह, मुरारी खनुजा, संतोष पंडित एवं रोहनराम रजक सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।