

लाठी-डंडे और मारपीट
जामुड़िया : जामुड़िया में डीवाईएफआई (DYFI) के नंदी शाखा सम्मेलन के दौरान कथित तौर पर भाजपा समर्थित लोगों द्वारा विरोध किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। डीवाईएफआई ने जहां भाजपा समर्थकों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने मारपीट की घटना से इनकार करते हुए केवल सम्मेलन में बाधा उत्पन्न करने की बात स्वीकार की है।
इस घटना को लेकर डीवाईएफआई के सचिव अनुराध्य मुखर्जी एवं बुद्धदेव रजक ने कहा कि नंदी शाखा का सम्मेलन लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक भाजपा समर्थक वहां पहुंचे और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले का उद्देश्य संगठन के लोकतांत्रिक कार्यक्रम को बाधित करना और युवाओं को डराना था।
दोनों नेताओं ने बताया कि घटना को लेकर संगठन की ओर से जामुड़िया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
डीवाईएफआई नेताओं ने कहा कि भाजपा की मारपीट और लाठी-डंडों के डर से युवा आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। वामपंथी कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के पिछले 15 वर्षों के कथित गुंडाराज और राजनीतिक हिंसा का मुकाबला किया है। अब भाजपा के कथित गुंडाराज के खिलाफ भी उसी मजबूती के साथ संघर्ष जारी रखेंगे।
वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा के जिला सचिव राणा बनर्जी ने वामपंथियों पर पलटवार करते हुए कहा कि वामपंथियों की विचारधारा एवं मानसिकता देशद्रोहियों जैसी है। भाजपा के कुछ समर्थकों को वामपंथियों की यह विचारधारा अच्छी नहीं लगी थी, जिसके कारण उन्होंने सम्मेलन में केवल बाधा उत्पन्न की थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से मारपीट की घटना से इनकार करते हुए कहा कि यह मारपीट का कोई मामला ही नहीं है।
दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बाद जामुड़िया में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। एक ओर डीवाईएफआई ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, वहीं भाजपा ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।