

जामुड़िया : चक्रवाती मौसम ‘अर्नब’ के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में खनन एवं उत्पादन गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। गुरुवार सुबह से जारी बारिश के कारण केंदा, कुनुस्तोड़िया और सातग्राम समेत विभिन्न क्षेत्रों में कोयला उत्पादन बाधित होने की स्थिति सामने आई है। इससे करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर, खदानों के आसपास रहने वाले लोगों में संभावित भू-धसान को लेकर भय का माहौल है।
लगातार बारिश के कारण जामुड़िया और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। लोगों को दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, खदानों में पानी भरने और प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन संबंधी गतिविधियों पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन कितनी मात्रा में प्रभावित हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा।
कोल माइंस एसोसिएट ट्रेडर (सीएमएटी) कंपनी के प्रबंध निदेशक बिस्वरूप दे (बप्पी) ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कोयला उत्पादन लंबे समय तक बाधित रहने पर भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि ईसीएल के केंदा क्षेत्र के न्यू केंदा ओसीपी कुआरी-दो से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख टन कोयले का उत्पादन होता है। वहीं, न्यू केंदा ओसीपी कुआरी-तीन के संबंध में उन्होंने लगभग 90 लाख टन उत्पादन क्षमता अथवा मात्रा की जानकारी दी। वास्तविक नुकसान का आकलन प्रभावित उत्पादन और बाधित रहने की अवधि के आधार पर ही संभव होगा।
उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन प्रभावित होने से परिवहन, आपूर्ति और बिजली उत्पादन जैसी गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। केंदा के अलावा कुनुस्तोड़िया और सातग्राम क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी है।
भू-धसान की आशंका से दहशत
लगातार बारिश से खदान क्षेत्रों के आसपास रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है। पहले से भू-धसान की आशंका झेल रहे लोगों को जमीन धंसने और मकानों को नुकसान पहुंचने का भय सता रहा है। बारिश जारी रहने पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका से लोग रातभर दहशत में रहने को मजबूर हैं।