चुरुलिया तारा कोलियरी के खिलाफ ग्रामीणों का जिलाधिकारी से गुहार

रोजगार, पुनर्वास, सड़क, प्रदूषण, स्वास्थ्य व मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के समाधान की मांग
चुरुलिया तारा कोलियरी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, जिलाधिकारी को सौंपा मांगपत्र
रोजगार, पुनर्वास, सड़क, प्रदूषण, स्वास्थ्य व मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के समाधान की मांग
जामुड़िया : पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया क्षेत्र के चुरुलिया, तालडांगा, देशेरमोहन, लोदा सहित आसपास के ग्रामीणों ने चुरुलिया तारा कोलियरी (डब्ल्यूबीपीडीसीएल) के खिलाफ विभिन्न समस्याओं को लेकर पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा। ग्रामीणों ने कोलियरी प्रबंधन पर पूर्व में किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं करने तथा खनन गतिविधियों से पर्यावरण एवं जनजीवन प्रभावित होने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, चुरुलिया तारा कोलियरी शुरू होने के समय जामुड़िया बीडीओ कार्यालय परिसर में प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी। उस दौरान खुली खदान शुरू होने पर स्थानीय क्षेत्र के कम से कम 600 योग्य लोगों को रोजगार देने, सीएसआर के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास करने तथा स्थानीय लोगों को साथ लेकर सामाजिक एवं मानवीय विकास कार्य करने का आश्वासन दिया गया था। कोयला खनन एवं डंपिंग शुरू करने से पहले पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार देने की बात भी कही गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय बीतने के बावजूद आश्वासन पूरे नहीं हुए। उन्होंने सरकारी एवं रैयती जमीन के कथित अधिग्रहण तथा प्राकृतिक वन संपदा एवं हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। खनन से निकली मिट्टी-पत्थर से बड़े ओबी डंप बनाए जा रहे हैं, जिससे धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे बच्चों एवं बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारी, दमा और सिलिकोसिस का खतरा बढ़ने की बात ज्ञापन में कही गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि तालडांगा, चुरुलिया और लोदा से चुरुलिया जाने वाली मुख्य सड़क, चुरुलिया हाई स्कूल से बस स्टैंड तक, मिट्टी-पत्थर के ढेर से बाधित हो गई है। इसे तत्काल सुचारु करने की मांग की गई है। ओबी डंप के विस्तार से मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित होने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर व्यापक आंदोलन और सड़क अवरोध किया जाएगा। मांगपत्र की प्रतिलिपि बीडीओ, डब्ल्यूबीपीडीसीएल के निदेशक (खनन), तारा ईस्ट एंड वेस्ट कोल माइंस लिमिटेड के एजेंट, पुलिस अधिकारियों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी भेजी गई है।
ज्ञापन पर गोपी पद्मा, सुशांत साधु, बिकाश पाल, ललिता बड्याकर, बिबेक साधु, दीपंकर मंडल, बापी बाउड़ी और अभिजीत बलई सहित ग्रामीण उपस्थित थे ।
जिलाधिकारी को दिया गया मांगपत्रNews
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चुरुलिया तारा कोलियरी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, जिलाधिकारी को सौंपा मांगपत्र

रोजगार, पुनर्वास, सड़क, प्रदूषण, स्वास्थ्य व मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के समाधान की मांग

जामुड़िया : पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया क्षेत्र के चुरुलिया, तालडांगा, देशेरमोहन, लोदा सहित आसपास के ग्रामीणों ने चुरुलिया तारा कोलियरी (डब्ल्यूबीपीडीसीएल) के खिलाफ विभिन्न समस्याओं को लेकर पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा। ग्रामीणों ने कोलियरी प्रबंधन पर पूर्व में किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं करने तथा खनन गतिविधियों से पर्यावरण एवं जनजीवन प्रभावित होने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, चुरुलिया तारा कोलियरी शुरू होने के समय जामुड़िया बीडीओ कार्यालय परिसर में प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी। उस दौरान खुली खदान शुरू होने पर स्थानीय क्षेत्र के कम से कम 600 योग्य लोगों को रोजगार देने, सीएसआर के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास करने तथा स्थानीय लोगों को साथ लेकर सामाजिक एवं मानवीय विकास कार्य करने का आश्वासन दिया गया था। कोयला खनन एवं डंपिंग शुरू करने से पहले पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार देने की बात भी कही गई थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय बीतने के बावजूद आश्वासन पूरे नहीं हुए। उन्होंने सरकारी एवं रैयती जमीन के कथित अधिग्रहण तथा प्राकृतिक वन संपदा एवं हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। खनन से निकली मिट्टी-पत्थर से बड़े ओबी डंप बनाए जा रहे हैं, जिससे धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे बच्चों एवं बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारी, दमा और सिलिकोसिस का खतरा बढ़ने की बात ज्ञापन में कही गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि तालडांगा, चुरुलिया और लोदा से चुरुलिया जाने वाली मुख्य सड़क, चुरुलिया हाई स्कूल से बस स्टैंड तक, मिट्टी-पत्थर के ढेर से बाधित हो गई है। इसे तत्काल सुचारु करने की मांग की गई है। ओबी डंप के विस्तार से मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित होने का आरोप लगाया गया।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर व्यापक आंदोलन और सड़क अवरोध किया जाएगा। मांगपत्र की प्रतिलिपि बीडीओ, डब्ल्यूबीपीडीसीएल के निदेशक (खनन), तारा ईस्ट एंड वेस्ट कोल माइंस लिमिटेड के एजेंट, पुलिस अधिकारियों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी भेजी गई है।

ज्ञापन पर गोपी पद्मा, सुशांत साधु, बिकाश पाल, ललिता बड्याकर, बिबेक साधु, दीपंकर मंडल, बापी बाउड़ी और अभिजीत बलई सहित ग्रामीण उपस्थित थे ।

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