

जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता
सांकतोड़िया : सोदपुर एरिया प्रबंधन की ओर से चिनाकुड़ी 2 नंबर अतिथिगृह में एरिया जेसीसी की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सोदपुर एरिया की विभिन्न कोलियरियों में व्याप्त समस्याओं, उत्पादन-डिस्पैच की स्थिति और खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन एवं श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में नर्समुंदा कोलियरी में लंबे समय से बंद पड़े डिस्पैच का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। बैठक में श्रमिक प्रतिनिधियों ने नर्समुंदा कोलियरी से डिस्पैच व्यवस्था प्रभावित रहने को लेकर सवाल उठाते हुए प्रबंधन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया। प्रतिनिधियों का कहना था कि किसी भी कोलियरी में उत्पादन के साथ-साथ कोयले के नियमित डिस्पैच की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। डिस्पैच बाधित होने का सीधा असर कोयले के स्टॉक, उत्पादन योजना और कंपनी के राजस्व पर पड़ सकता है। इसे लेकर बैठक में स्थिति की समीक्षा करते हुए समस्या के समाधान पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
खदानों की सुरक्षा को लेकर विशेष जोर
एरिया जेसीसी की बैठक में खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गहन चर्चा हुई। श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन का लक्ष्य महत्वपूर्ण है, लेकिन श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। खदानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, कार्यस्थल की निगरानी तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। प्रबंधन की ओर से भी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा खदानों में निर्धारित सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित कर�