

राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
बीरभूम : राज्य में बाल विवाह और नाबालिगों के गर्भधारण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री के कड़े संदेश के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया है। एक नाबालिग के गर्भवती होने के मामले में सिउड़ी के धल्ला गांव के निवासी सुजय बायेन को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शारीरिक अस्वस्थता के कारण 16 साल की उस किशोरी को उसकी सास सिउड़ी सदर अस्पताल ले गई थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि किशोरी गर्भवती है। नियमों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल जाकर नाबालिग का बयान दर्ज किया और उसी बयान के आधार पर सोमवार देर रात उसके पति सुजय बायेन को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि किशोरी और सुजय के बीच प्रेम संबंध था, जिसके बाद वे घर से भागकर शादी कर चुके थे। बाद में दोनों के परिवारों ने भी इस शादी को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, किशोरी की उम्र 18 साल से कम होने और उसके गर्भवती होने के कारण पुलिस ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की है।मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्यभर में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासनिक मुस्तैदी और बढ़ गई है। भले ही परिवार ने नाबालिग की शादी को स्वीकार कर लिया हो, लेकिन कानून की नजर में यह वैध नहीं है। सिउड़ी की यह घटना और पॉक्सो एक्ट के तहत हुई गिरफ्तारी प्रशासन के इसी कड़े रुख का संकेत देती है। इसके साथ ही नाबालिगों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासनिक निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत भी सामने आई है।