मुर्शिदाबाद इनकाउंटर: पुलिस ने अभियुक्त को उचित सजा दी : परिजन

हत्यारों ने हत्या के बाद युवक के शरीर के कई टुकड़े कर दिये थे
इनकाउंटर स्थल पर तैनात पुलिसकर्मी
इनकाउंटर स्थल पर तैनात पुलिसकर्मी
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आनंद, सन्मार्ग संवाददाता

मुर्शिदाबाद : सुजीत मंडल हत्याकांड की जांच के बीच सामशेरगंज में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम धूलियान नगरपालिका के पुराने डाकबंगला इलाके के भुटू मार्केट के उस कमरे के पास ही मुठभेड़ (एनकाउंटर) की घटना घटी, जहां सुजीत मंडल की हत्या की गई थी। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान मौके पर सीआईडी और पुलिस के कौन-कौन से अधिकारी मौजूद थे, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। इसके अलावा, कितने राउंड गोलियां चलाई गईं, इस पर भी पुलिस ने कुछ बोलने से इनकार कर दिया है। जानकारी के अनुसार घटना के सीन री-क्रिएशन (पुनर्निर्माण) के दौरान अभियुक्त ने एक अधिकारी का रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा।

गौरतलब है कि सुजीत मंडल के शरीर के अंग बरामद होने के बाद पुलिस ने डीएनए जांच कराई थी। सूत्रों के अनुसार, यह घटना डीएनए रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद हुई है। हालांकि, डीएनए रिपोर्ट और एनकाउंटर के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस बीच, सुजीत मंडल हत्याकांड की जांच सीआईडी को सौंपे जाने के बाद मंगलवार को ही विशेष जांच दल (एसआईटी) सामशेरगंज पहुंचा। सीआईडी के एसपी तापस मुखर्जी के नेतृत्व में अधिकारियों ने सबसे पहले भुटू मार्केट स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया। री-क्रिएशन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी संख्या में केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि गत 28 अगस्त को सुजीत मंडल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में उनके शरीर के अंग बरामद होने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मृतक के परिवार की शिकायत के आधार पर समाऊन शेख, ताजकिरा बीबी और उसके पति जॉनी शेख को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल किया गया और जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया गया।

मृतक के भाई ने क्या कहा

एनकाउंटर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुजीत मंडल के बड़े भाई संजय मंडल ने कहा, ''पुलिस प्रशासन ने उचित सजा दी है। इस सजा से हम खुश हैं। मेरे भाई की आत्मा को शांति मिलेगी। बाकी दो अभियुक्तों को भी इसी तरह सजा मिलनी चाहिए।'' हालांकि, एनकाउंटर की घटना के बाद जेल में बंद अन्य दो अभियुक्त के परिवार के लोग भी भयभीत है पर खुलकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

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