पुरुलिया मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर सांसद नाराज,स्वास्थ्य मंत्री से की शिकायत

अस्पताल परिसर में गंदगी और कचरे के ढेर से उठे सवाल, जिला प्रशासन ने शुरू किया निरीक्षण
अस्पताल का निरीक्षण करते सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो
अस्पताल का निरीक्षण करते सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो
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सन्मार्ग संवाददाता

पुरुलिया: पुरुलिया मेडिकल कॉलेज के सदर परिसर में गंदगी और कचरे के ढेर को देखकर सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने नाराजगी जताई। विजयादशमी की रात अस्पताल की बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। बताया जाता है कि परिसर में जगह-जगह कचरा जमा देखकर सांसद ने सबसे पहले अस्पताल के सुपर से फोन पर बात की। आरोप है कि समस्या के समाधान के बजाय उन्हें विभिन्न कारण बताए गए। इसके बाद सांसद ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। यहां तक की बदहाली के पूरे वीडियो भी उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को भेजा। सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ असामाजिक तत्व अब भी अस्पताल में काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल के सुपर के कालिम्पोंग तबादले की सिफारिश भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अस्पताल परिसर में स्वच्छता बहाल करने के लिए वह स्वयं भी सफाई कार्य में हाथ बंटाने को तैयार हैं।

जिला प्रशासन के निर्देश पर अस्पताल का निरीक्षण

घटना के बाद जिला प्रशासन ने अस्पताल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। गुरुवार सुबह जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) आकाश विश्वास और अतिरिक्त जिला शासक (जनरल) उत्कर्ष सिंह अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के सुपर का कार्यालय बंद मिला। बताया गया कि सीएमओएच को कुछ देर तक कार्यालय के बाहर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया, अव्यवस्थाओं का जायजा लिया और तस्वीरें भी लीं। परिसर की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की स्थिति स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण से पहले नगर पालिका के कर्मचारियों को अस्पताल परिसर में कचरा साफ करते देखा गया। वहीं, अस्पताल के अंदर सफाईकर्मी विभिन्न वार्डों की सफाई में जुटे थे।

जल निकासी और कचरा प्रबंधन पर भी सवाल

अस्पताल परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर जमा होने की शिकायत है। इसके अलावा, जैविक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों के उचित निस्तारण पर भी सवाल उठ रहे हैं। निर्धारित शेड में प्लास्टिक में भरा कचरा जमा रहने की तस्वीरें सफाई व्यवस्था की स्थिति बयां कर रही हैं। आरोप है कि कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी नियमित रूप से अपना काम नहीं कर रही है।

सुपर और एमएसवीपी की अनुपस्थिति पर उठे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को बुधवार रात ही टेलीफोन के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने दिया था। इसके बाद उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से घटना और अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तलब की है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एमएसवीपी सहित आठ लोगों को सोकॉज किया गया है।

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