ईसीएल में चलेगी मोदी जी की नीति, 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा': जितेंद्र तिवारी

पांडवेश्वर में नवनिर्वाचित विधायक का बीएमएस ने किया नागरिक अभिनंदन
विधायक जितेंद्र तिवारी को सम्मानित करते स्थानीय लोग
विधायक जितेंद्र तिवारी को सम्मानित करते स्थानीय लोग
Published on

पांडवेश्वर : भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की ओर से पांडवेश्वर के नवनिर्वाचित विधायक जितेंद्र तिवारी के सम्मान में एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बीएमएस नेतृत्व और कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित विधायक को सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक जितेंद्र तिवारी ने ईसीएल के भ्रष्ट अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और उन्हें सीधे शब्दों में अपनी कार्यशैली सुधारने की चेतावनी दी।

तृणमूल नेताओं को खुश करने वाले अधिकारियों पर साधा निशाना

विधायक जितेंद्र तिवारी ने ईसीएल के उन अधिकारियों पर निशाना साधा जो चुनाव से पहले नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, "जो अधिकारी पहले पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के इशारे पर नाचते थे, वे 4 मई के बाद अचानक 'स्मार्ट' बन गए हैं और अब नियम-कानून का ज्ञान बांट रहे हैं। ऐसे अधिकारियों को ज्यादा ज्ञान बांटने की जरूरत नहीं है, कारण तृणमूल के शासनकाल में उन्होंने बहुत पाप किए हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद कई अधिकारियों ने पूर्व विधायक को व्यायाम के लिए जिम, प्रातःभ्रमण के लिए गार्डन और ऑफिस तोड़ने के लिए करीब एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित कर दी थी।

'मजदूरों के जर्जर आवासों की नहीं थी चिंता'

जितेंद्र तिवारी ने अधिकारियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते दिनों इन अधिकारियों को अपने ही कामगारों के जर्जर होते आवासों और माइंस सेफ्टी (खदान सुरक्षा) से कोई सरोकार नहीं था। उनका पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर केंद्रित रहता था कि तृणमूल नेताओं को कैसे खुश रखा जाए। अब भ्रष्ट और श्रमिकों का शोषण करने वाले ऐसे अधिकारियों को अपने किए का हिसाब देना होगा। उन्होंने कहा, "ईसीएल में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'न खाऊंगा और न खाने दूंगा' वाली नीति पूरी तरह लागू होगी। भ्रष्टाचार, कोयला कामगारों के शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

बीएमएस नेतृत्व को किया सचेत, कहा- अधिकारियों से रहें सावधान

विधायक ने बीएमएस नेतृत्व को भी जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए सचेत किया। उन्होंने कहा कि 4 मई के बाद राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। जो अधिकारी पहले तृणमूल के श्रम संगठन के नेताओं को अग्रिम पंक्ति में बैठाकर बीएमएस का मजाक उड़ाया करते थे, जल्द ही वही अधिकारी बीएमएस नेताओं को दिन में तीन बार सलाम करते नजर आएंगे। उन्होंने संगठन को नसीहत देते हुए कहा, "बीएमएस नेतृत्व अपने संघर्ष के पुराने दिनों को कभी न भूले और ऐसे गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले अधिकारियों से हमेशा सावधान रहे। मजदूरों पर होने वाले अत्याचार और शोषण के खिलाफ अपनी आवाज को और बुलंद करें।"

समारोह में ये रहे उपस्थित

इस गरिमामयी अभिनंदन समारोह में मुख्य रूप से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उज्जवल चटर्जी, जयनाथ चौबे, महेंद्र सिंह सहित बीएमएस के कई वरिष्ठ नेता, श्रमिक प्रतिनिधि और भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in