

बीरभूम : रिटायर्ड बस ड्राइवर व पत्थर और बालू व्यापारी के घर पर पुलिस की छापेमारी में साढ़े 28 करोड़ रुपये नकद एवं 15 किलो सोना के बिस्कुट व गहने मिलने से जिला में हलचल मची हुई है। बुधवार अलसुबह प्रारंभ हुआ तलाशी अभियान बुधवार देर रात तक चला। इस दौरान कई घंटों तक 5 मशीनों के जरिए बरामद नोटों की गिनती की गयी। यह छापेमारी अवैध पत्थर व बालू व्यापारी टुलू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के रिश्तेदार मीनार मंडल के घर पर हुई। हालांकि स्थानीय लोगों से लेकर भाजपा नेताओं, तक सभी का दावा है कि यह रकम भले ही मीनार मंडल के घर से मिली हो, लेकिन इस पैसे का असली मालिक टुलू मंडल ही हैं। अनुब्रत मंडल के करीबी हैं टुलू मंडल। उल्लेखनीय है कि इलाके में मीनार मंडल की पहचान टुलू मंडल के मैनेजर के रूप में है।
कौन है मीनार मंडल ?
स्थानीय लोगों का कहना है, "पिछले कुछ सालों में मीनार मंडल का रहन-सहन और तौर-तरीके पूरी तरह बदल गए थे। हाथ में पैसा आते ही जैसा बदलाव आता है, ठीक वैसा ही हुआ!" जिस मीनार मंडल के घर से इतनी बड़ी रकम बरामद हुई है, उसे थाने के पुलिस कर्मियों से लेकर स्थानीय पत्थर व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग लगभग जानता ही नहीं था। इलाके में उसकी पहचान टुलू मंडल के एक मामूली कर्मचारी के रूप में ही थी। बेटे की अच्छी नौकरी और बेटी की शादी एक शिक्षक से होने के कारण इलाके में मीनार की छवि बेहद 'साफ-सुथरी' थी। हालांकि, मीनार के उभार की कहानी काफी हैरान करने वाली है ! स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ साल पहले तक मीनार मंडल उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (NBSTC) में बस ड्राइवर का काम करता था। वहीं करीब चार साल पहले उसने सरकारी नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली और टुलू मंडल का कारोबार संभालने लगा। जानकारी के अनुसार, टुलू मंडल ने लीज पर जो कई DCR (डुप्लीकेट चालान रसीद) गेट ले रखे थे, उनमें से रायपुर DCR गेट की देखरेख मीनार ही करता था। मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र में देउचा बस स्टैंड के पास बना उसका दो मंजिला मकान देखने में बड़ा तो है, लेकिन इतना भी खास नहीं कि अलग से ध्यान खींचे। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के किनारे बने इस मकान के सामने की सड़क की हालत भी खस्ताहाल है। वहीं अब इलाके की हवा में यही चर्चा है कि पिछले चार सालों में मीनार की संपत्ति बहुत तेजी से बढ़ी और रातों-रात उसका ठाट-बाट बदल गया।
तृणमूल विधायक का बयान
इस मामले में हांसन विधानसभा क्षेत्र के TMC (ऋतब्रत गुट) के विधायक काजोल शेख ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि "किसी एक साधारण व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी मात्रा में काला धन और सोना मिला है, जिसकी कुल कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बैठती है। यह पैसा कहां से आया ? इसे छुपाने के पीछे किसका हाथ है और कौन-कौन इसमें शामिल है, यह सब सामने आना चाहिए। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से काम नहीं चलेगा।"