

बर्दवान : बर्दवान की पॉक्सो अदालत ने साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के एक मामले में एक युवक को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, दोषी पर 20 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर उसे तीन महीने और जेल में रहना होगा। अदालत ने पीड़ित नाबालिगा को 3 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है, जिसके लिए जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पॉक्सो अदालत की जज देवश्री हलदर ने बुधवार को यह सजा सुनाई। दोषी का नाम अनूप मलिक उर्फ भीम है, जो मंतेश्वर थाना के बेलेझुड़ी गांव का रहने वाला है। केस के विशेष सरकारी वकील गौतम मुखोपाध्याय ने बताया कि घटना के समय दोषी की उम्र 19 साल थी। जज ने फैसले में उसकी कम उम्र का जिक्र किया। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (एबी) के तहत दोषी ठहराया है। इस घटना में एक और बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप था, लेकिन मेडिकल जांच में उस बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जेल में है और सजा की घोषणा से पहले तक जेल में बिताए गए समय को उसकी सजा की अवधि से घटाया जाएगा। अदालत के सूत्रों के मुताबिक, यह घटना 22 जून 2019 की रात को हुई थी। मंतेश्वर थाना क्षेत्र के दो बच्चे अपने परिवार के साथ दीवानदीघी थाना के नेरागोहालिया स्थित एक रिश्तेदार के घर आए थे। बच्चों के माता-पिता घर की निचली मंजिल पर रिश्तेदारों के साथ खाना खा रहे थे और दोनों बच्चे ऊपरी मंजिल के कमरे में सो रहे थे। रात करीब 11:30 बजे अचानक उनके रोने की आवाज सुनकर एक बच्चे की मां ऊपरी मंजिल पर गईं। उन्होंने बच्चों को दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद, उन्होंने चिल्लाकर घर के बाकी लोगों को बुलाया। जब उन्होंने चिमटे से दरवाजे की कुंडी खोलकर कमरे के अंदर प्रवेश किया, तो उन्होंने दोनों बच्चों को बिना कपड़ों के पाया। बिस्तर पर लगे तकिए पर खून के धब्बे थे। बच्चों ने परिवार के सदस्यों को पूरी घटना बताई। भीम उसी समय भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे पकड़ लिया गया। बाद में एक बच्चे के पिता ने दीवानदीघी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 (एबी) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर भीम को गिरफ्तार कर लिया गया था।