

संजय, सन्मार्ग संवाददाता
बांकुड़ा : ऑनलाइन निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर ठगी करने वाले साइबर ठग गिरोह पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की शिकायतों की पड़ताल के बाद बांकुड़ा साइबर क्राइम थाना की पुलिस ने इस संगठित सिंडिकेट के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए अज्ञात अपराधियों पर केस दर्ज किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने एक ही पैटर्न और चुनिंदा मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर 24 साइबर अपराधों को अंजाम दिया है।
ऐसे खुला 24 मामलों का कच्चा-चिट्ठा
जानकारी के अनुसार बांकुड़ा साइबर क्राइम थाने के एक अधिकारी 1 जनवरी 2026 से पोर्टल पर आ रही शिकायतों की स्क्रूटनी कर रहे थे। डेटा एनालिसिस के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अलग-अलग राज्यों और जिलों से दर्ज शिकायतों में कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर लगातार कॉमन पाए गए। जांच में साफ हुआ कि शातिर ठग लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाने और फर्जी पुलिस अफसर बनकर 'डिजिटल अरेस्ट' करने के लिए इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे।
कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की पड़ताल जारी
पुलिस अब इन चिन्हित संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), आईपी लॉग्स और टॉवर लोकेशन खंगाल रही है। इसके साथ ही पीड़ितों से ठगी गई रकम किन-किन बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) में ट्रांसफर की गई, उनकी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।