'श्रद्धा और नियम से कथा सुनने से नष्ट होते हैं पाप'

धर्म की रक्षा, अहंकार का अंत और भगवान की शरण का महत्व समझाया गया
'श्रद्धा और नियम से कथा सुनने से नष्ट होते हैं पाप'
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आसनसोल : श्री श्याम सेवा ट्रस्ट द्वारा श्री श्याम मंदिर आसनसोल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। गौरतलब है कि सात दिवसीय भागवत कथा के माध्यम से सात दिनों तक 'श्रीमद्भागवत महापुराण' का पाठ और उसकी व्याख्या की जायेगी। वहीं वाराणसी से आये कथावाचक संजय जी शास्त्री ने कथा के माध्यम से मौजूद भक्तों को बताया कि हिंदू मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति इन सात दिनों तक पूर्ण श्रद्धा और नियम के साथ कथा सुनता है, उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे भवसागर से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने दूसरे दिन राजा परीक्षित के बारे में लोगों को बताया कि एक ऋषि पुत्र ने श्राप दिया था कि सात दिन बाद तक्षक नाग के काटने से उनकी मृत्यु हो जाएगी। इस श्राप से भयभीत होकर उन्होंने अपना राज्य त्याग दिया और गंगा के तट पर ऋषि शुकदेव से 7 दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनी। इस कथा के प्रभाव से उन्हें मोक्ष और बैकुंठ की प्राप्ति हुई। वहीं बाली संवाद में बताया गया कि भगवान श्रीराम ने सुग्रीव की मदद की और छुपकर बाली को बाण मारा। वराह भगवान प्रसंग में बताया गया कि भगवान विष्णु ने एक विशालकाय वराह का रूप धारण कर पाताल लोक में जाकर दैत्य का वध किया और अपनी दांतों पर रखकर पृथ्वी को वापस जल से निकालकर स्थापित किया। वहीं श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के सचिव दीपक तोदी ने कहा कि भागवत के दूसरे दिन राजा परीक्षित प्रसंग, बाली संवाद और वराह भगवान का प्राकट्य का वर्णन किया गया, जिसमें धर्म की रक्षा, अहंकार का अंत और ईश्वर की शरण का महत्व को बताया गया। इस मौके पर मनोज मुकीम, सुरेश नवावाला, राजेश पंसारी, दिलीप पंसारी, सुदेश कावटिया, अमित डिडवानिया, जीतेंद्र सिंह, आशा शर्मा, खुशी कुमारी सहित काफी संख्या में भक्तगण एवं श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के सदस्य मौजूद थे।


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