कुनूर नदी में मछलियों की मौत, जांच में जुटा प्रशासन

मछली खाने और पानी के इस्तेमाल पर रोक
जांच करते अधिकारी
जांच करते अधिकारी
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संजय, सन्मार्ग संवाददाता

​बर्दवान : कुनूर नदी के पानी में जहर होने के आरोपों के बाद पूर्व बर्दवान के आउसग्राम और आसपास के इलाकों में भारी सनसनी फैल गई है। पिछले दो दिनों से नदी में एक के बाद एक मछलियां मर रही हैं। नदी का पानी काला पड़ गया है और तेज दुर्गंध फैल रही है। इस स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल नदी में प्रदूषण के कारणों का जायजा लेने मौके पर पहुंचा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को फिलहाल नदी की मछली न खाने और दैनिक कार्यों में नदी के पानी का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है।

पूर्व बर्दवान जिला मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक शुभब्रत चट्टोपाध्याय, वन विभाग के जिला स्तर के अधिकारी मलय कुमार मल और आउसग्राम 1 ब्लॉक के बीडीओ विमान कर ने गुसग्राम और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कुनूर नदी की स्थिति का मौके पर मुआयना किया। नदी के पानी और कुछ मछलियों के नमूने एकत्र किए गए हैं। मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इनकी जांच के बाद ही पानी के दूषित होने के असली कारणों का पता चल पाएगा।

​शुभब्रत चट्टोपाध्याय ने कहा कि नदी के पानी में यह जहर किस वजह से फैला है, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं कहा जा सकता। नदी के पानी और कुछ मछलियों के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें हमारे विभाग की प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। इसके अलावा बर्दवान विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग की लैब में भी नमूने भेजे जा रहे हैं। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ​उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुनूर नदी की मछलियां खाने और रोजमर्रा के कामों में नदी के पानी का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।

​बता दें कि पिछले दो दिनों से कुनूर नदी में छोटी-बड़ी विभिन्न प्रजातियों की मछलियां मरकर तैरती हुई नजर आ रही हैं। नदी का पानी काला होने के साथ-साथ दुर्गंध भी छोड़ने लगा है। इसी बीच गुरुवार सुबह से ही नदी में मछलियां पकड़ने की होड़ सी मच गई। पानी में तड़पती मछलियों के साथ-साथ मरी हुई मछलियों को भी स्थानीय लोगों द्वारा बटोर कर ले जाते देखा गया। इस स्थिति को लेकर नदी के पानी और मछलियों के इस्तेमाल पर चिंता लगातार बढ़ती गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

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