

मुर्शिदाबाद : आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन और नौदा MLA हुमायूं कबीर ने राजनीति से सन्यास लेने के संकेत दिए हैं। हुमायूं कबीर बुधवार को रिपोर्टरों से बात करते हुए भावुक हो गए। आंखों में आंसू लिए हुए उन्होंने कहा, रेजीनगर में BJP जीतेगी। पुलिस और प्रशासन ने वोट लूटे हैं। उन्होंने कहा, एक सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें पार्टी ऑफिस से घसीटा। उन्हें 12 घंटे तक पुलिस स्टेशन में रखा गया और वोट लूटे गए। रेजीनगर के लोगों को वोट नहीं डालने दिया गया। पुलिस ने RSS कर्मियों का एक स्पेशल ग्रुप बनाया था। उस ग्रुप ने बाद में खुलेआम वोट लूटे। अगर मैं इस सिस्टम का विरोध नहीं कर सकता तो राजनीति करके क्या करुंगा? इसलिए मेरा दिल से राजनीति से टूट गया है। अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने असेंबली से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर सक्रिय राजनीति छोड़ने का भी संकेत दिया। हुमायूं ने कहा, नौदा के लोगों ने मुझे प्यार किया और MLA बनाया। इसलिए मैं लोगों के लिए काम करता रहूंगा, लेकिन मैं असेंबली नहीं जाऊंगा। शुभेंदु अधिकारी जब तक मुख्यमंत्री रहेंगे, मैं असेंबली नहीं जाऊंगा। इसके लिए मैं नौदा के लोगों से माफी मांगता हूं।” बाद में उन्होंने फिर कहा, मैं विधानसभा जाऊंगा। अगर मुख्यमंत्री वहां होंगे, तो मैं अंदर नहीं जाऊंगा। मैं लॉबी में बैठूंगा। जिस दिन मुख्यमंत्री अनुपस्थित होंगे, मैं अंदर जाऊंगा। फिर हुमायूं ने अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा, पूजा खत्म होने के बाद, मैं नौदा के लोगों के साथ चर्चा में बैठूंगा। अगर वे कहेंगे तो मैं MLA का पद भी छोड़ सकता हूं। मैं सक्रिय राजनीति भी छोड़ सकता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अल्पसंख्यक मामलों, सदन समिति, व्यापार सलाहकार समिति, सर्वदलीय बैठक या स्पीकर द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि हुमायूं कबीर राज्य की राजनीति में एक विवादास्पद व्यक्तित्व हैं। उन्होंने पहले भी कई बार राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी।